---Advertisement---

देहरादून में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन : परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और पेपर लीक माफिया पर सख्त कार्रवाई की उठी मांग

By
Last updated:
Follow Us
Join Our WhatsApp Channel


देहरादून में छात्रा रीया थापा की याद में उमड़ा जनसैलाब, वैभव वालिया बोले- चरमराई शिक्षा व्यवस्था की शिकार हुई देश की बेटी

‘युवाओं के सपनों पर सीधा हमला है पेपर लीक’, रीया थापा की मौत पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा

देहरादून। प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे भ्रष्टाचार और पेपर लीक के मामलों ने देश के युवाओं को गहरे मानसिक तनाव में धकेल दिया है। इसी अव्यवस्था और सरकारी लापरवाही के खिलाफ आज उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक बड़ा आक्रोश देखने को मिला। राष्ट्रीय संचार सचिव वैभव वालिया के नेतृत्व में पूजा विहार स्थित मृतका छात्रा रीया थापा के निवास स्थान से एक भावपूर्ण एवं विशाल कैंडल मार्च निकाला गया।

इस कैंडल मार्च में रीया थापा के परिजनों, रिश्तेदारों, स्थानीय नागरिकों और भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। सभी प्रदर्शनकारियों ने अत्यंत नम आंखों से रीया को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मृतका की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया।

कैंडल मार्च के दौरान कांग्रेस नेता वैभव वालिया केंद्र सरकार और देश की परीक्षा प्रणाली पर जमकर बरसे। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि देहरादून की बेटी रीया थापा की असमय मृत्यु केवल एक परिवार की व्यक्तिगत क्षति नहीं है, बल्कि यह देश की पूरी तरह चरमरा चुकी शिक्षा व्यवस्था की विफलता का एक बेहद दर्दनाक और जीवंत प्रतीक है। नीट (NEET) समेत तमाम बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार होने वाले पेपर लीक और घोटालों ने लाखों होनहार छात्रों के भविष्य को पूरी तरह अंधकार में डाल दिया है।

वैभव वालिया ने आरोप लगाया कि सालों तक दिन-रात कड़ी मेहनत करने वाले छात्र आज खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में युवाओं का इस पूरी प्रशासनिक व्यवस्था से भरोसा उठ चुका है। उनके सपनों के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शिक्षा व्यवस्था में फैली इस घोर अव्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाते हुए वैभव वालिया ने सीधे केंद्रीय नेतृत्व को घेरा। उन्होंने मांग की कि जब केंद्र सरकार देश के नौनिहालों और युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखने में पूरी तरह नाकाम साबित हो चुकी है, तो इसकी नैतिक जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेनी चाहिए। वैभव वालिया ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग उठाई है। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि देश में जितने भी परीक्षा घोटाले हुए हैं, उन सभी की सर्वोच्च स्तर पर पूरी तरह निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए।

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि आज पूरे देश का युवा एक अजीब से निराशा, गहरी असुरक्षा और अविश्वास के माहौल के बीच जीने को मजबूर है। प्रशासनिक विफलता का आलम यह है कि पेपर लीक अब एक आम बात बन चुकी है। यह केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि सीधे तौर पर देश के युवाओं के सुनहरे भविष्य और उनके सपनों पर किया गया एक क्रूर हमला है। यदि सरकार ने समय रहते अपनी नीतियों में कठोर सुधार नहीं किए, तो आने वाली पीढ़ियां देश की शिक्षा प्रणाली पर कभी भरोसा नहीं कर पाएंगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी रीया थापा समेत उन सभी होनहार विद्यार्थियों को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती है, जिन्होंने इस दूषित परीक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक विवादों और भारी मानसिक तनाव के कारण अपनी जान गंवा दी। कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ इन शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है। युवाओं के साथ हो रहे इस अन्याय के खिलाफ जब तक न्याय नहीं मिल जाता, तब तक सड़क से लेकर संसद तक पार्टी उनकी आवाज़ को बुलंद करती रहेगी।

कैंडल मार्च में शामिल हुए हर एक व्यक्ति के चेहरे पर आक्रोश साफ दिखाई दे रहा था। प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर एक स्वर में देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करने, पूरी परीक्षा प्रणाली को शत-प्रतिशत पारदर्शी बनाने और पेपर लीक माफिया के खिलाफ बेहद कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग उठाई ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।

इस आक्रोश मार्च और श्रद्धांजलि सभा में उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी और हरेंद्र गोसाईं प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इनके साथ ही एनएसयूआई (NSUI) के अध्यक्ष विकास नेगी, मंजू त्रिपाठी, पार्षद प्रत्याशी अमन सिंह, पीयूष गौड़, ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र पवार और गोरखा संघ के अध्यक्ष राजकुमार गुरुंग ने भी रीया थापा को न्याय दिलाने की मांग की।

इस भावुक क्षण में रीया थापा के परिवार के सदस्य भी मौजूद थे, जिनमें उनकी बड़ी बुआ भारती बस्नेत, मंझली बुआ आरती राणा और छोटी बुआ बिंदु गिरी शामिल थीं। इसके अलावा अनिल थापा, विष्णु प्रसाद गुरुंग, प्रदेश महामंत्री सीताराम नौटियाल, प्रकाश नेगी, मेघ बहादुर थापा, सिद्धार्थ वर्मा, स्वाती नेगी, पार्षद शहजाद, चरणजीत कौशल, डिंपल सिंह, राव नसीम, पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्याम सिंह बिष्ट, रामसूरत, नानक चंद, राजेश भट्ट और विनीत गुरुंग समेत सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने भी कैंडल मार्च में शामिल होकर इस लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

The post देहरादून में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन : परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और पेपर लीक माफिया पर सख्त कार्रवाई की उठी मांग appeared first on Devbhumidarshan.

Leave a Comment