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Auspicious Wedding Rituals : जानिए कैसे सही दिन और रंग चुनकर शादी को बनाएं और भी शुभ

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Auspicious Wedding Rituals : शादी का मौसम जैसे ही करीब आता है, लोग महीनों पहले से ही अपनी तैयारियों में जुट जाते हैं। सजावट, कपड़े, गिफ्ट और शादी कार्ड – इन सब चीजों की योजना पहले से ही बना ली जाती है।

शादी के कार्ड का चुनाव केवल डिज़ाइन या रंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई वास्तु और ज्योतिष के नियम भी जुड़े होते हैं। सही कार्ड न केवल शादी को खूबसूरत बनाता है, बल्कि यह शुभ संकेत भी देता है।

भगवान गणेश का पूजन और कार्ड की शुरुआत

अयोध्या के प्रसिद्ध ज्योतिष पंडित कल्कि राम के अनुसार, किसी भी मांगलिक कार्य की तरह शादी का कार्ड बांटने से पहले भगवान गणेश की पूजा करना बेहद जरूरी है।

सबसे पहले कार्ड को भगवान गणेश को समर्पित किया जाता है। ऐसा करने से आने वाले सभी विघ्न और बाधाएं दूर होती हैं।

वास्तु शास्त्र में यह माना जाता है कि हर शुभ कार्य से पहले गणेश जी की कृपा लेना बहुत लाभकारी होता है।

शुभ दिन: गुरुवार का महत्व

वास्तु और ज्योतिष के अनुसार शादी का कार्ड बांटने के लिए हर दिन शुभ होता है, लेकिन गुरुवार को विशेष रूप से शुभ माना गया है।

गुरुवार का दिन गुरु ग्रह से जुड़ा होता है, और यह ग्रह शादी, परिवार और करियर से संबंधित निर्णयों में विशेष प्रभाव डालता है।

अगर आप अपने शादी कार्ड का वितरण गुरुवार को करते हैं, तो इसे अधिक शुभ माना जाता है।

कार्ड का रंग और वास्तु अनुसार महत्व

शादी का कार्ड केवल दिखने में सुंदर होना ही काफी नहीं है। कार्ड का रंग भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, लाल, मेहरून, गुलाबी, पीला और क्रीम रंग वाले कार्ड सौभाग्य और शुभता का प्रतीक होते हैं।

ये रंग शादी के अवसर को मंगलमय और खुशियों से भरा बनाते हैं। कार्ड का रंग सही चुना जाए तो यह न केवल शादी की रौनक बढ़ाता है, बल्कि परिवार में सकारात्मक ऊर्जा भी लाता है।

कार्ड रखने की दिशा: ईशान कोण

शादी का कार्ड घर में लाने के बाद इसे सही दिशा में रखना भी जरूरी है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, कार्ड को हमेशा ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए। इस दिशा में देवी-देवताओं का वास माना जाता है।

जब आप कार्ड को इस दिशा में रखते हैं, तो माना जाता है कि सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर में समृद्धि व खुशहाली बनी रहती है।

शादी केवल दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि परिवार और संस्कारों का संगम होता है। कार्ड का रंग, दिन और दिशा जैसी छोटी-छोटी चीजें भी शादी के माहौल और भविष्य पर सकारात्मक असर डाल सकती हैं।

इसलिए छोटी-छोटी वास्तु नियमों का पालन करना न भूलें। सही कार्ड, सही दिन और सही दिशा – ये तीन बातें आपकी शादी को और भी मंगलमय बना देती हैं।

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