---Advertisement---

पंचायती मंदिर में जुटा ब्राह्मण समाज : वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजा शहर

By
Last updated:
Follow Us
Join Our WhatsApp Channel


नव संवत पर दून में शंखनाद : पंचांग पूजन और हवन के साथ हिंदू नववर्ष का स्वागत, अंग्रेजी कैलेंडर के बहिष्कार की अपील

देहरादून, (रजत शर्मा)। देहरादून में नव संवत के पावन अवसर पर ब्राह्मण महासभा ने भव्य धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हिंदू नववर्ष का अभिनंदन किया। घंटाघर स्थित पंचायती मंदिर में जुटे ब्राह्मण समाज के पदाधिकारियों ने वैदिक रीति-रिवाज से पंचांग पूजन और हवन यज्ञ संपन्न किया। इस दौरान वक्ताओं ने सनातन संस्कृति की श्रेष्ठता पर जोर देते हुए जनमानस से अपनी जड़ों की ओर लौटने और हिंदू कैलेंडर को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

राजधानी देहरादून में नव संवत (Hindu Nav Samvat) के शुभ अवसर पर ब्राह्मण महासभा के बैनर तले समाज के प्रबुद्ध जन दर्शन लाल चौक स्थित पंचायती मंदिर में एकत्रित हुए। कार्यक्रम की शुरुआत पंडित शशि वल्लभ शास्त्री के सानिध्य में भगवान परशुराम के चित्र पर तिलक और पुष्प अर्पित कर की गई। इसके पश्चात विधिवत पंचांग पूजन किया गया, जिसमें नए साल के ग्रहों और नक्षत्रों की गणना का महत्व बताया गया।

पंचांग पूजन के उपरांत आयोजित हवन यज्ञ में आहुतियां डालकर विश्व कल्याण की कामना की गई। पंडित शशि वल्लभ शास्त्री ने उपस्थित जनसमूह को पंचांग की सूक्ष्म जानकारियों से अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज से ही वास्तविक नव संवत का प्रारंभ हुआ है और समस्त सनातन प्रेमियों को इसी दिन को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचांग केवल तिथियों का संग्रह नहीं, बल्कि हमारी गणना पद्धति का आधार है।

प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने इस अवसर पर ब्राह्मण समाज और आम जनता को नव संवत की बधाई दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि ब्राह्मणों ने सदैव समाज में जागृति लाने का कार्य किया है और आज पंचांग पूजन के माध्यम से हिंदू संस्कृति को सर्वश्रेष्ठ मानने का संदेश दिया गया है। शर्मा के अनुसार, इसी दिन से हमारी सांस्कृतिक चेतना जागृत होती है, जिसे हर घर तक पहुँचाना अनिवार्य है।

कार्यक्रम में मौजूद लालचंद शर्मा ने कड़े शब्दों में अंग्रेजी कैलेंडर का बहिष्कार करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण महासभा द्वारा किया गया यह आयोजन सराहनीय है क्योंकि यह जनमानस में अपनी संस्कृति के प्रति गर्व पैदा करता है। उन्होंने तर्क दिया कि हिंदू नववर्ष प्राकृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से पूर्ण है, इसलिए हमें पाश्चात्य संस्कृति के बजाय अपनी परंपराओं को मनाना चाहिए।

इस धार्मिक अनुष्ठान में मनमोहन शर्मा, उमाशंकर शर्मा, पंडित शशि बल्लभ शास्त्री, लालचंद शर्मा, सुरेंद्र अग्रवाल, सीताराम नौटियाल और मनोज शर्मा सहित पीयूष गोड, महेश कोठारी, जी आर नौटियाल, कल्याण चक्रवर्ती, अतुल शर्मा, दिनेश शर्मा, विजय मंगाई, डॉ. शैलेंद्र कौशिक, सुनील अग्रवाल और शंकर मनी सेमवाल जैसे अनेक ब्राह्मण जन उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से सनातन धर्म की रक्षा और प्रचार का संकल्प लिया।

The post पंचायती मंदिर में जुटा ब्राह्मण समाज : वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजा शहर appeared first on Devpath.

Related News

Leave a Comment