---Advertisement---

Diwali Diyas Vastu : डिजाइनर दीयों से सजता है घर, लेकिन क्या ये वास्तु के अनुसार सही हैं

By
Last updated:
Follow Us
Join Our WhatsApp Channel


Diwali Diyas Vastu : दीपावली का त्योहार रोशनी और खुशहाली का प्रतीक माना गया है। इस दिन हर घर में दीप जलाए जाते हैं ताकि अंधकार मिटे और सकारात्मकता का आगमन हो।

पारंपरिक रूप से मिट्टी के दीये इस पवित्र पर्व का मुख्य हिस्सा रहे हैं, लेकिन बदलते समय के साथ अब बाजार में डिजाइनर दीयों की भरमार है।

ऐसे में सवाल उठता है—क्या इन डिजाइनर मिट्टी के दीयों को जलाना शुभ होता है या अशुभ? आइए जानते हैं नोएडा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश चतुर्वेदी जी से कि शास्त्रों में क्या कहा गया है।

मिट्टी का दीया क्यों होता है शुभ?

सनातन धर्म में मिट्टी को पंच तत्वों का प्रतीक माना गया है पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जब मिट्टी के दीये में अग्नि प्रज्वलित होती है, तो वह इन सभी तत्वों को एक साथ जोड़ देती है। इससे वातावरण में शुद्ध ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार होता है।

पंडित चतुर्वेदी बताते हैं कि जब इस दीये में सरसों का तेल डालकर जलाया जाता है, तो यह न केवल अंधकार को दूर करता है बल्कि मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और सौभाग्य भी लाता है।

मिट्टी का दीया ज्ञान और प्रकाश का प्रतीक है। यह अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर जीवन में उजाला लाता है। पूजा के समय मिट्टी का दीप जलाने से देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है और घर में लक्ष्मी का वास होता है।

क्या डिजाइनर मिट्टी के दीये अशुभ हैं?

आजकल बाजार में ऐसे कई डिजाइनर दीये मिलते हैं जो रंग-बिरंगे, चमकीले या रासायनिक (केमिकल) रंगों से बने होते हैं।

शास्त्रों के अनुसार पूजा में सिर्फ मिट्टी से बने प्राकृतिक दीये का उपयोग करना शुभ होता है। यदि दीया प्लास्टिक, सिरेमिक या केमिकल पेंट से बना है, तो यह ना केवल अशुभ माना जाता है बल्कि पर्यावरण के लिए भी हानिकारक होता है।

कब और कैसे इस्तेमाल करें डिजाइनर दीये?

अगर आप सुंदरता के लिए डिजाइनर दीयों का उपयोग करना चाहते हैं, तो ध्यान रखें कि वे शुद्ध मिट्टी से बने हों और उनमें सरसों का तेल जलाया जा सके। ऐसे दीयों का प्रयोग पूजा स्थल या मुख्य दरवाजे पर किया जा सकता है।

लेकिन जो दीये प्लास्टिक या सिंथेटिक पदार्थों से बने हों, या जिनमें केमिकल रंग लगे हों, उन्हें जलाना अशुभ माना जाता है। ऐसे दीये न केवल धार्मिक दृष्टि से अपवित्र होते हैं, बल्कि पर्यावरण प्रदूषण का कारण भी बनते हैं।

मिट्टी के दीयों के लाभ

पर्यावरण के अनुकूल और प्राकृतिक होते हैं। पूजा के लिए शुद्ध और सात्विक माने जाते हैं।

नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मकता लाते हैं। देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है।

घर में सुख-शांति और समृद्धि बढ़ती है।

धार्मिक परंपराओं के अनुसार मिट्टी के दीये का जलाना सबसे शुभ माना गया है। यह न केवल पवित्रता का प्रतीक है बल्कि धरती के तत्वों से जुड़ाव भी दर्शाता है।

यदि आप दीपावली पर घर में दीये जलाने जा रहे हैं, तो कोशिश करें कि प्राकृतिक मिट्टी के दीयों का ही उपयोग करें।

डिजाइनर दीये तभी जलाएं, जब वे मिट्टी के बने हों और उनमें तेल डालना संभव हो। इस दीपावली, अपने घर में प्रकाश के साथ पवित्रता भी जलाएं।

The post Diwali Diyas Vastu : डिजाइनर दीयों से सजता है घर, लेकिन क्या ये वास्तु के अनुसार सही हैं appeared first on Devpath.

Leave a Comment