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Dhanteras Shubh Muhurat : 7:16 बजे से शुरू होगा धनतेरस का शुभ समय, जानें पूजा व खरीदारी का सही तरीका

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Dhanteras Shubh Muhurat :कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष त्रयोदशी को मनाया जाने वाला धनतेरस न सिर्फ धन और सौभाग्य का प्रतीक है, बल्कि स्वास्थ्य और समृद्धि का भी पर्व है।

इस साल धनतेरस का उत्सव 18 अक्टूबर 2025 (शनिवार) को मनाया जाएगा। इस दिन प्रदोष काल और वृषभ लग्न में की जाने वाली खरीदारी को अत्यंत शुभ माना गया है।

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस बार धनतेरस पर शुक्र और चंद्रमा दोनों कन्या राशि में विराजमान रहेंगे, जिससे इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है।

मान्यता है कि इस दिन शुभ मुहूर्त में की गई खरीदारी पूरे वर्ष भर घर में सुख, सौभाग्य और धन की वृद्धि करती है।

धनतेरस पूजा और खरीदारी का शुभ मुहूर्त 

मुख्य खरीदारी का शुभ समय: शाम 07:16 बजे से 08:20 बजे तक

  • अवधि: 1 घंटा 4 मिनट
  • प्रदोष काल: शाम 05:48 बजे से 08:20 बजे तक
  • वृषभ काल: शाम 07:16 बजे से 09:11 बजे तक
  • धन्वंतरि पूजा (प्रातःकाल): सुबह 06:24 बजे से 08:41 बजे तक (अवधि – 2 घंटे 17 मिनट)
  • त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 18 अक्टूबर 2025 को दोपहर 12:18 बजे
  • त्रयोदशी तिथि समाप्त: 19 अक्टूबर 2025 को दोपहर 01:51 बजे

दिनभर के लाभदायक योग

चर योग (सामान्य कार्यों के लिए): 07:50 AM – 09:15 AM

लाभ योग (उन्नति हेतु): 09:15 AM – 10:40 AM

अमृत योग (सर्वोत्तम): 10:40 AM – 12:06 PM

अभिजीत मुहूर्त: 11:43 AM – 12:29 PM

सर्वार्थ सिद्धि योग: पूरे दिन रहेगा शुभ प्रभाव

क्या खरीदें धनतेरस पर?

धनतेरस पर परंपरागत रूप से धन, स्वास्थ्य और सौभाग्य का प्रतीक वस्तुएँ खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन निम्न वस्तुओं की खरीद विशेष फलदायी होती है—

  • सोना-चांदी के आभूषण या सिक्के
  • इलेक्ट्रॉनिक सामान
  • बर्तन या पीतल की वस्तुएँ
  • मिट्टी के दीये और श्रीयंत्र
  • झाड़ू, नमक, हल्दी-धनिया के बीज
  • वाहन, प्रॉपर्टी या नया घर
  • नए वस्त्र

धनतेरस क्यों मनाया जाता है?

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य समुद्र मंथन से हुआ था। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और आरोग्य के देवता माना जाता है। इसीलिए इस दिन लोग धन्वंतरि पूजा कर अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करते हैं।

धनतेरस की रात यमदीप दान का भी विशेष महत्व है। इस दिन घर के दक्षिण दिशा में दीप जलाया जाता है ताकि यमराज प्रसन्न हों और परिवार में अकाल मृत्यु का भय न रहे।

इस धनतेरस पर क्या करें और क्या न करें

  • शाम के समय दीये जलाकर लक्ष्मी-गणेश की पूजा करें।
  • खरीदारी करते समय शुभ मुहूर्त का ध्यान रखें।
  • घर को साफ-सुथरा रखें और दीपों से सजाएँ।
  • इस दिन उधार न लें या किसी को पैसे न दें।
  • अपशब्द या कलह से बचें — यह दिन सौम्यता का है।

धनतेरस सिर्फ खरीदारी का दिन नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा, आरोग्य और समृद्धि का प्रतीक है। इस वर्ष के विशेष ग्रहयोग और मुहूर्त इसे और भी शुभ बना रहे हैं।

अगर आप सही समय पर पूजा और खरीदारी करते हैं, तो पूरे वर्ष घर में सुख-समृद्धि का वास बना रहता है।

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