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Aaj Ka Panchang : तुला संक्रांति पर सूर्य का राज, व्रत रखने से पहले ये शुभ मुहूर्त चेक करें

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Aaj Ka Panchang 17 October 2025 : शुक्रवार को सुबह उठते ही अगर आपका मन पूजा-पाठ या कोई महत्वपूर्ण काम करने का हो, तो पंचांग की एक झलक जरूर डाल लें। 17 अक्टूबर 2025 को तुला संक्रांति का खास योग है, जब सूर्य तुला राशि में प्रवेश करेगा। साथ ही राम एकादशी का व्रत और गोवत्स द्वादशी का पालन करने वाले भक्तों के लिए ये दिन आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर रहेगा।

हिंदू कैलेंडर के अनुसार ये तारीख कार्तिक कृष्ण पक्ष की एकादशी से शुरू होकर द्वादशी तक चलेगी। दिल्ली-एनसीआर जैसे शहरों में सूर्योदय सुबह करीब 6:23 बजे होगा, तो सूर्यास्त शाम 5:49 बजे। चंद्रोदय रात 3:24 बजे (18 अक्टूबर को) और चंद्रास्त दोपहर 3:38 बजे।

अगर आपका दिनचर्या में कोई शुभ कार्य फिट करना हो, तो ये जानकारियां आपकी मदद करेंगी।

दैनिक तत्व: तिथि, नक्षत्र और योग

इस दिन कृष्ण पक्ष एकादशी सुबह 11:12 बजे तक रहेगी, उसके बाद द्वादशी शुरू हो जाएगी। नक्षत्र मघा दोपहर 1:57 बजे तक होगा, फिर पूर्वा फाल्गुनी ले लेगा। योग की बात करें तो शुक्ल योग रात 1:48 बजे (18 अक्टूबर) तक चलेगा, जो सामान्य कामों के लिए ठीक माना जाता है। करण में बालव सुबह 11:12 बजे तक और कौलव रात 11:42 बजे तक रहेगा।

शक संवत 1947 विश्वावसु और विक्रम संवत 2082 कालयुक्त के अनुसार ये पंचांग तैयार किया गया है। दक्षिणायन और शरद ऋतु का प्रभाव होने से मौसम भी सुहावना रह सकता है, लेकिन रात का समय थोड़ा लंबा खिंचेगा – करीब 13 घंटे 47 मिनट।

इन तत्वों से दिन की ऊर्जा का अंदाजा लगाया जा सकता है, खासकर अगर आप ज्योतिष पर भरोसा रखते हैं।

शुभ मुहूर्त: नए कामों के लिए बेस्ट टाइम

शुभ समय की तलाश में अगर आप हैं, तो अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:49 से 12:35 बजे तक मिलेगा, जो छोटे-मोटे कामों के लिए आदर्श है। अमृत काल सुबह 11:25 से दोपहर 1:06 बजे तक चलेगा, जिसमें कोई भी सकारात्मक शुरुआत करना फायदेमंद हो सकता है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:52 से 5:40 बजे तक है, जो ध्यान या पूजन के लिए परफेक्ट।

विजय मुहूर्त शाम 5:21 से 6:02 बजे तक रहेगा। तुला संक्रांति के चलते सूर्य का राशि परिवर्तन दोपहर 1:45 बजे होगा, तो उसके आसपास के समय में स्नान-दान करना शुभ माना जाता है।

याद रखें, ये मुहूर्त सामान्य हैं; व्यक्तिगत कुंडली के आधार पर बदल सकते हैं।

अशुभ काल: इन समयों से बचें

हर दिन में कुछ ऐसे पल होते हैं जब बड़े फैसले लेना ठीक नहीं। राहु काल सुबह 10:46 से दोपहर 12:12 बजे तक, यमगंड दोपहर 3:04 से 4:29 बजे तक और गुलिक काल सुबह 7:54 से 9:20 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त सुबह 8:46 से 9:31 बजे और दोपहर 12:35 से 1:20 बजे तक हैं। गंडमूल नक्षत्र दोपहर 1:57 बजे तक चलेगा, तो उसके बाद ही कोई नया काम शुरू करें। वर्ज्यम रात 10:32 से 12:15 बजे तक है।

इनसे परहेज करके दिन को आसान बनाया जा सकता है, वरना छोटी-मोटी परेशानियां हो सकती हैं।

त्योहार और व्रत: आध्यात्मिक महत्व

17 अक्टूबर को तुला संक्रांति का उत्सव मनाया जाएगा, जिसमें सूर्य देव की आराधना और तिल-गुड़ का दान किया जाता है। राम एकादशी का व्रत भगवान राम के भक्त निभाएंगे, जो पापों से मुक्ति दिलाता है। गोवत्स द्वादशी पर गायों की पूजा का विशेष महत्व है, खासकर किसानों और ग्रामीण इलाकों में।

ये सभी मौके परिवार के साथ बिताने लायक हैं, जहां पूजा के बाद घर में सकारात्मक माहौल बनता है। अगर आप व्रत रख रहे हैं, तो फलाहार का ध्यान रखें और डॉक्टर से सलाह लें। कुल मिलाकर, ये दिन शांति और समृद्धि का संदेश देता है।

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