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Chardham Yatra 2025 : चारधाम यात्रा पर बड़ी अपडेट, तीर्थ यात्रियों के लिए सरकार ला रही है ये नई सुविधा

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Uttarakhand News : हरिद्वार की पवित्र धरती पर आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने दौरे से सुर्खियां बटोरीं। सुबह-सुबह वे रानीपुर के सेक्टर-2 में स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज पहुंचे, जहां एक भव्य लोकार्पण और प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था।

वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने कहा कि सरस्वती विद्या मंदिर लंबे समय से देशभर में बच्चों को शिक्षा का प्रकाश फैला रहा है। उन्होंने गर्व से बताया कि उत्तराखंड में भी विद्या मंदिर और शिशु मंदिर शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन योगदान दे रहे हैं। उनका यह बयान न सिर्फ शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि राज्य के भविष्य के लिए उनकी सोच को भी उजागर करता है।

चारधाम यात्रा: श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा पहली प्राथमिकता

अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा की तैयारियों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि यात्रा की तैयारियां अब अपने अंतिम पड़ाव पर हैं और उच्च अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें चल रही हैं। “हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य है कि चारधाम यात्रा पर आने वाले हर श्रद्धालु को पूरी सुरक्षा मिले,” सीएम ने जोर देकर कहा।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि यात्रा को सरल, सुगम और सहज बनाने के लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही। धामी ने चारधाम यात्रा को उत्तराखंड की आर्थिक रीढ़ की हड्डी बताते हुए कहा कि यह न सिर्फ धार्मिक, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी राज्य के लिए बेहद अहम है। 

उन्होंने यह भी खुलासा किया कि यात्रा से जुड़े सभी पक्षों—चाहे वो धार्मिक संस्थाएं हों, तीर्थ पुरोहित हों, टूरिस्ट गाइड हों या टैक्सी ऑपरेटर—के सुझावों को गंभीरता से लिया जा रहा है। यह बात साफ करती है कि सरकार एक समावेशी और बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। चारधाम यात्रा का मौसम नजदीक आने के साथ ही यह खबर श्रद्धालुओं के लिए राहत और उत्साह लेकर आई है।

वक्फ बोर्ड पर विपक्ष को करारा जवाब

दूसरी ओर, वक्फ बोर्ड को लेकर विपक्ष के सुप्रीम कोर्ट जाने पर भी सीएम धामी ने अपनी बात बेबाकी से रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संसद ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। “वक्फ बोर्ड से जुड़ी संपत्तियां, जो सालों से अटकी पड़ी थीं, अब जनता और सरकार के काम आएंगी,” उन्होंने दावा किया। यह बयान न सिर्फ सरकार के फैसले की मजबूती को दिखाता है, बल्कि विपक्ष के सवालों का जवाब भी देता है। धामी का यह रुख उनकी निडर और पारदर्शी शैली को सामने लाता है।

हरिद्वार का यह दौरा न केवल शिक्षा और तीर्थाटन के लिहाज से अहम रहा, बल्कि सियासी चर्चाओं को भी हवा दे गया। मुख्यमंत्री का यह संदेश साफ है—उत्तराखंड का विकास उनकी प्राथमिकता है, और इसके लिए वे हर मोर्चे पर काम करने को तैयार हैं।

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