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क्या कर्ज़ माफ होने के बाद किसान फिर से ले सकते हैं लोन? जानें बैंक की शर्तें

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भारत में लाखों किसानों पर सहकारी और राष्ट्रीकृत बैंकों का कर्ज बकाया है। फसल खराबी, मौसम की मार और आर्थिक तंगी के कारण कई बार किसान लोन की किस्तें समय पर नहीं चुका पाते, जिससे वे डिफॉल्टर घोषित कर दिए जाते हैं। डिफॉल्टर बनने के बाद उनके लिए नया लोन लेना मुश्किल हो जाता है। लेकिन क्या डिफॉल्टर किसान दोबारा लोन ले सकते हैं? इसका उत्तर हां है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होती हैं।

कौन होते हैं डिफॉल्टर किसान?

जब कोई किसान समय पर लोन की EMI या ब्याज नहीं चुका पाता है, तो बैंक और वित्तीय संस्थान उसे डिफॉल्टर घोषित कर देते हैं। इससे उसकी क्रेडिट हिस्ट्री खराब हो जाती है और भविष्य में किसी भी प्रकार का लोन प्राप्त करना कठिन हो जाता है।

बैंक आमतौर पर ऐसे किसानों को लोन देने से बचते हैं जिनका पुराना लोन रिकॉर्ड खराब होता है। हालांकि, कुछ वित्तीय संस्थान और प्राइवेट बैंक कुछ शर्तों पर डिफॉल्टर किसानों को भी लोन देने के लिए तैयार होते हैं।

डिफॉल्टर किसान कौन-कौन से लोन ले सकते हैं?

किसान अपनी जरूरतों के अनुसार विभिन्न प्रकार के लोन ले सकते हैं, जैसे:

  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन
  • ट्रैक्टर लोन
  • गोल्ड लोन
  • पर्सनल लोन
  • मोर्गेज लोन
  • भूमि जमानत लोन

कई बार बैंक किसानों को गारंटी या जमानत के आधार पर भी लोन देते हैं, जिससे वे अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा कर सकते हैं।

कैसे सुधारें सिबिल स्कोर?

डिफॉल्टर किसान को दोबारा लोन लेने के लिए सबसे पहले अपना सिबिल स्कोर (CIBIL Score) सुधारना जरूरी होता है।

  • समय पर EMI और ब्याज का भुगतान करें।
  • कम ब्याज दर वाले लोन चुनें ताकि चुकाना आसान हो।
  • एक समय में एक ही लोन लें और उसे पूरा चुकाने के बाद ही दूसरा लोन लें।
  • सहकारी बैंक और सरकारी योजनाओं से जुड़े लोन लेने की कोशिश करें।

किन शर्तों पर मिलता है लोन?

वर्तमान में कुछ बैंक और वित्तीय संस्थान डिफॉल्टर किसानों को भी लोन प्रदान कर रहे हैं, लेकिन इसके लिए किसानों को कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी:

  • सिबिल स्कोर 750 या उससे अधिक हो।
  • गारंटर या संपत्ति की जमानत देनी होगी।
  • ब्याज दरें अधिक हो सकती हैं।
  • राज्य सरकारों द्वारा संचालित कर्जमाफी या ब्याज माफी योजनाओं का लाभ लिया जा सकता है।
  • किसानों को सीधे नगद लोन नहीं, बल्कि उर्वरक, बीज, कृषि उपकरण खरीदने के लिए लोन दिया जा सकता है।

डिफॉल्टर किसानों के लिए लोन लेना मुश्किल जरूर होता है, लेकिन असंभव नहीं। यदि किसान अपनी क्रेडिट हिस्ट्री में सुधार करते हैं, समय पर EMI का भुगतान करते हैं और सही बैंकिंग विकल्पों का चयन करते हैं, तो वे दोबारा लोन लेने के पात्र बन सकते हैं। हालांकि, किसी भी नए लोन के लिए आवेदन करने से पहले सभी शर्तों को अच्छी तरह समझ लेना जरूरी है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की वित्तीय समस्या न हो।

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