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Dehradun News : धर्मांतरण का खौफनाक जाल, देहरादून से दुबई तक फैला था नेटवर्क!

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Dehradun News : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुलिस ने अवैध धर्मांतरण के एक बड़े मामले का पर्दाफाश किया है। “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत दून पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो युवतियों को बहला-फुसलाकर और प्रलोभन देकर उनका धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश कर रहा था। इस गिरोह के तार न सिर्फ भारत के अलग-अलग राज्यों से जुड़े हैं, बल्कि पाकिस्तान और दुबई तक फैले हैं।

रानीपोखरी के एक व्यक्ति ने 18 जुलाई, 2025 को पुलिस में शिकायत दर्ज की कि उनकी 21 साल की बेटी अजीब व्यवहार कर रही है। पूछताछ में पता चला कि कुछ लोग उसे पैसे और अन्य लालच देकर इस्लाम अपनाने के लिए दबाव बना रहे हैं।

पीड़िता ने बताया कि अब्दुर रहमान (सहसपुर, देहरादून), अबु तालिब (मुजफ्फरनगर), अयान और अमन (दिल्ली) जैसे लोग इसमें शामिल हैं। इसके आधार पर पुलिस ने उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2018 के तहत मामला दर्ज किया।

पुलिस ने जांच शुरू की और पीड़िता की काउंसलिंग के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इस गिरोह का नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर का है और यह आगरा में चल रहे एक अन्य धर्मांतरण मामले से भी जुड़ा है। जांच में पता चला कि यह गिरोह परिवार से अलग-थलग पड़ी युवतियों को निशाना बनाता था।

उनके साथ सहानुभूति दिखाकर विश्वास जीता जाता और फिर ब्रेनवॉश करके इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता। कुछ मामलों में युवतियों को घर से भगाकर दिल्ली ले जाया जाता, जहां उनका धर्म परिवर्तन कराकर मुस्लिम युवकों से निकाह कराया जाता।

पुलिस को एक अन्य पीड़िता की जानकारी मिली, जो बरेली की रहने वाली 28 साल की सुमैया (बदला हुआ नाम) है। सुमैया पढ़ाई के लिए देहरादून आई थी और एक मुस्लिम युवती की दोस्ती के जरिए इस गिरोह के संपर्क में आई।

उसे सोशल मीडिया और जूम ऐप के जरिए कुरान की शिक्षा दी गई। सुमैया को कश्मीर बुलाया गया और वहां उसे इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। उसने बताया कि पाकिस्तान के एक मौलवी तनवीर अहमद और दुबई में रहने वाले तहसीन जैसे लोग इस नेटवर्क का हिस्सा थे।

पुलिस ने पाया कि यह गिरोह सोशल मीडिया, खासकर फेसबुक और व्हाट्सएप, का इस्तेमाल करता था। युवतियों को ‘रिवर्ट टू इस्लाम’ जैसे ग्रुप्स में जोड़ा जाता और उन्हें इस्लाम की अच्छाइयों के बारे में बताया जाता। कुछ मामलों में पैसे, कपड़े और फोन जैसी चीजें देकर लालच दिया जाता। एक मामले में पीड़िता को फोन तोड़कर सबूत मिटाने की सलाह दी गई थी।

पुलिस ने आगरा पुलिस के साथ मिलकर छह लोगों को चिन्हित किया है, जिनमें अबु तालिब, अब्दुल रहमान, अब्दुल रहीम, अब्दुल्ला, अब्दुर रहमान और आयशा उर्फ कृष्णा शामिल हैं। इनके खिलाफ वारंट जारी हो चुका है और जल्द ही इन्हें देहरादून लाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अयान और सुलेमान की गिरफ्तारी के लिए भी टीमें काम कर रही हैं।

उत्तराखंड में सख्त धर्मांतरण कानून और यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू होने के कारण यह गिरोह दिल्ली में अपनी गतिविधियां चला रहा था। दून पुलिस का कहना है कि वे ऐसे लोगों को चिन्हित कर रहे हैं, जो अपनी पहचान छिपाकर युवतियों को धोखा दे रहे हैं। इस मामले में जांच जारी है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा होगा।

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