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देहरादून में पत्रकारों का महासंगम, प्रेस की स्वतंत्रता पर हुई बड़ी चर्चा

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देहरादून : देहरादून में हाल ही में आयोजित एक शपथ ग्रहण समारोह ने पत्रकारिता और प्रेस की साख को लेकर गहरी चर्चा छेड़ दी। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूरी ने इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि अपने विचार रखते हुए कहा कि लोकतंत्र के मजबूत स्तंभों में से एक मीडिया आज भी अपनी अहमियत बनाए हुए है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि डिजिटल युग में भले ही पत्रकारिता का स्वरूप बदल रहा हो, लेकिन प्रिंट मीडिया की प्रमाणिकता और विश्वसनीयता आज भी बरकरार है। यह समाज के लिए एक सच्चा मार्गदर्शक बना हुआ है। उत्तरांचल प्रेस क्लब में हुए इस समारोह में उन्होंने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रेस की जिम्मेदारी सिर्फ आलोचना तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की अच्छाइयों को भी सामने लाना इसका कर्तव्य है।

वहीं, सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने समारोह में विशिष्ट अतिथि के तौर पर अपनी बात रखी। उन्होंने चिंता जताई कि आजकल मीडिया और पत्रकार के बीच का फर्क धुंधला हो गया है। उनका मानना है कि दोनों की भूमिका अलग-अलग है, लेकिन आज हर कोई खुद को पत्रकार कहने लगा है।

इससे प्रेस की साख पर सवाल उठने लगे हैं। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में पत्रकारिता का असली मकसद खतरे में है और आम लोगों का भरोसा कम होता जा रहा है। योगेश भट्ट ने यह भी सुझाव दिया कि पत्रकार यूनियन और संगठनों को मुश्किल हालात में काम कर रहे पत्रकारों के हितों के लिए आगे आना चाहिए।

देवभूमि पत्रकार यूनियन के इस शपथ ग्रहण समारोह में नवनिर्वाचित प्रदेश और जिला कार्यकारिणी ने विधानसभा अध्यक्ष के सामने पद और गोपनीयता की शपथ ली। कार्यक्रम में राज्यमंत्री विनोद उनियाल, सरोजनी सेमवाल, अरुण शर्मा जैसे कई सम्मानित लोग शामिल हुए। समारोह की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण से हुई।

थोड़ी देर से पहुंचे सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने पत्रकारों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि पत्रकार कभी भी अपनी परेशानियां लेकर उनसे मिल सकते हैं, और वह हमेशा मदद के लिए तैयार रहेंगे।

यह आयोजन यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल वर्मा की अध्यक्षता में हुआ, जबकि संचालन प्रदेश महासचिव डॉ. वी डी शर्मा ने किया। इस मौके पर सैकड़ों पत्रकार, कवि, साहित्यकार और समाजसेवी मौजूद रहे। यह समारोह न सिर्फ पत्रकारिता के महत्व को उजागर करने वाला था, बल्कि इसके सामने आने वाली चुनौतियों पर भी रोशनी डालता है। प्रेस को समाज का आईना बताते हुए सभी वक्ताओं ने इसकी गरिमा और जिम्मेदारी को बनाए रखने की बात कही।

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