केदारनाथ से अयोध्या तक: मुख्यमंत्री धामी ने बताया कैसे बदल रही है भारत की सांस्कृतिक पहचान
देहरादून : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार रात सेलाकुई में आयोजित मां भगवती जागरण में शिरकत की। आद्यशक्ति श्री माता वैष्णो देवी धाम सेवा समिति के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की खुशहाली के लिए विशेष पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 में सत्ता संभालने के बाद से देश में ‘सनातन संस्कृति’ का स्वर्णिम काल शुरू हुआ है।
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को केवल एक ढांचा नहीं, बल्कि भारत के स्वाभिमान की पुनर्स्थापना करार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि देवभूमि का देवत्व और यहां की सांस्कृतिक विरासत को बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकाल लोक जैसे प्रोजेक्ट्स ने देश की सांस्कृतिक चेतना को वैश्विक स्तर पर नई ऊर्जा दी है।
केदारनाथ का कायाकल्प और चारधाम यात्रा के आंकड़े
मुख्यमंत्री ने 2013 की भीषण त्रासदी का जिक्र करते हुए बताया कि केदारनाथ का पुनर्निर्माण पीएम मोदी के विजन का परिणाम है। आज केदारपुरी अपने सबसे भव्य और दिव्य स्वरूप में है। 22 अप्रैल 2026 से शुरू हुई इस साल की चारधाम यात्रा के शुरुआती दिनों में ही 3 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। यह रिकॉर्ड संख्या उत्तराखंड के प्रति देशवासियों की अटूट आस्था का प्रमाण है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: अब 2.5 घंटे का सफर
मुख्यमंत्री ने हाल ही में उद्घाटन हुए दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि वह स्वयं कुछ दिन पहले दिल्ली से देहरादून मात्र ढाई घंटे में पहुंचे। गौरतलब है कि 213 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने 14 अप्रैल 2026 को किया था। इस प्रोजेक्ट में राजाजी नेशनल पार्क के पास 12 किलोमीटर लंबा एशिया का सबसे बड़ा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बनाया गया है, जो पर्यावरण और विकास के संतुलन का सटीक उदाहरण है।
हेमकुंड रोपवे और शीतकालीन यात्रा
सिख श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर देते हुए धामी ने बताया कि हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना पर काम तेजी से बढ़ रहा है। 13 किलोमीटर लंबा यह रोपवे गोविंदघाट को हेमकुंड साहिब से जोड़ेगा, जिससे घंटों की कठिन चढ़ाई मिनटों में सिमट जाएगी। इसके अलावा, राज्य सरकार ने शीतकालीन यात्रा की पहल को भी मजबूती दी है ताकि स्थानीय लोगों को साल भर रोजगार मिल सके और धार्मिक पर्यटन को नई गति मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि कैलाश की यात्रा पर पीएम मोदी के आने के बाद सीमांत क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या में अप्रत्याशित उछाल आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ‘विकल्प रहित संकल्प’ के मंत्र पर चलते हुए विरासत के साथ-साथ आधुनिक विकास को भी समान प्राथमिकता दे रही है। इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
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