देहरादून। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से ठीक एक दिन पहले उत्तराखंड की महिला उद्यमी ममता रावत ने रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाया है। सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (एसआईडीएम) ने उन्हें अपने उत्तराखंड चैप्टर की चेयरपर्सन नियुक्त किया है। ज्योमा सॉल्यूशंस की प्रबंध निदेशक ममता रावत की यह उपलब्धि राज्य के रक्षा उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकेत दे रही है।
एसआईडीएम के डायरेक्टर जनरल रमेश चंद्र ने बताया, “ममता रावत के नेतृत्व में ज्योमा सॉल्यूशंस ने स्वदेशी तकनीकों में क्रांति ला दी है। कंपनी के गायरो स्टेबलाइजेशन सिस्टम, मिलिट्री-ग्रेड पीसीबी, टी-90 टैंक और बोफोर्स तोपों के इंजन कंट्रोल यूनिट जैसे उत्पाद रक्षा क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हुए हैं।” ज्योमा को स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज और वूमनप्रेन्योर अवार्ड्स 2025 जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है।
नई जिम्मेदारी संभालते हुए ममता रावत ने कहा, “मेरा लक्ष्य उत्तराखंड को रक्षा स्टार्टअप्स का हब बनाना है। उद्योगों, स्टार्टअप्स, शिक्षण संस्थानों और सरकारी विभागों के बीच साझेदारी बढ़ाकर आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करेंगे। एमएसएमई को सशक्त बनाना और स्वदेशी तकनीकों को बढ़ावा देना हमारी प्राथमिकता होगी।” विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी अगुवाई से देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में रक्षा विनिर्माण को अपार गति मिलेगी, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
यह नियुक्ति न केवल उत्तराखंड की महिला शक्ति का प्रतीक है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर रक्षा क्षेत्र में लैंगिक समानता को भी मजबूत करेगी।
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