विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि हाल ही में यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में जिस तरह से सीबीआई ने असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डाला है, उससे उम्मीद जगती है कि शीघ्र ही कई सफेदपोश व नेता रुपी दलाल शिकंजे में होंगे। मोर्चा सीबीआई के शुरुआती कदम की सरहाना करता है।
नेगी ने कहा कि इस मामले में राजपुर थाने में तीन लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई थी तथा एक अज्ञात का नाम भी शामिल किया गया था, उस अज्ञात के मामले में सबसे पहले सीबीआई को उसे खोज कर सलाखों के पीछे डालना चाहिए, जिससे यह पूरा नेक्स बेनकाब हो सके। दिलचस्प पहलू यह है कि आखिर किसके इशारे पर पुलिस प्रोफेसर सुमन को बचाने का प्रयास कर रही थी। सुमन को गवाह बनाने में किसकी भूमिका थी,कहीं इस मामले में तार ऊपर से तो नहीं जुड़े थे।
इस नेक्सस के तार टॉप लेवल के नेताओं से भी हो सकते हैं तथा कुछ माफिया किस्म के लोगों से भी जुड़े हो सकते हैं, जिसकी बहुत बारीकी से जांच करने की आवश्यकता है। पुलिस ने एक तरह से सिर्फ चार लोगों (अज्ञात को मिलाकर) को नामजद किया है, जबकि इसमें अधिकारियों-नेताओं-दलालों की भूमिका भी हो सकती है।
महत्वपूर्ण यह है एक उच्च शिक्षित बेरोजगार रात-दिन पढ़ाई कर अपना जीवन खपा देता है तथा वहीं दूसरी ओर सेटिंग बाज इस नेक्सस के माध्यम से मनचाही नियुक्ति हासिल कर लेते हैं। मोर्चा सीबीआई से उम्मीद करता है कि इस मामले में ऐसी नजीर पेश करे कि भविष्य में कोई युवाओं के हितों से न खेल सके और न ही कोई दलाल फिर से ऐसी हिमाकत कर सके। पत्रकार वार्ता में दिलबाग सिंह व पछवादून अध्यक्ष अमित जैन मौजूद थे।
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