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Dehradun Commercial Tax : दून वैली व्यापार मंडल ने नगर आयुक्त को सौंपा ज्ञापन, ब्याज माफ करने की गुहार

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Dehradun Commercial Tax : बड़ा हंगामा मच गया है देहरादून में! दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मंडल ने आज नगर आयुक्त नमामि बंसल को ज्ञापन थमाकर पूरे 100 वार्डों में हाउस टैक्स और कमर्शियल टैक्स पर लग रहे भारी-भरकम ब्याज को पूरी तरह माफ करने की ज़ोरदार मांग की।

व्यापारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है क्योंकि 2015-2016 की स्वयं कर निर्धारण नीति के तहत नगर निगम जनता और दुकानदारों से जो ब्याज ठग रहा है, उसे बेहद शर्मनाक और अन्यायपूर्ण बताया जा रहा है।

इस मौके पर मंडल के अध्यक्ष पंकज मैसोन, मुख्य संरक्षक सुशील अग्रवाल, महामंत्री पंकज डीडान, उपाध्यक्ष जसपाल छाबड़ा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शेखर फुलारा और संयोजक राजीव गांधी केवल कुमार मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि अब और बर्दाश्त नहीं होगा।

सीएम धामी को लिखी भावुक चिट्ठी, खोले नगर निगम के काले कारनामे

मंडल ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सीधा पत्र लिखकर गुहार लगाई है। पत्र में साफ कहा गया है कि 2016 की स्वयं मूल्यांकन नीति के तहत व्यापारिक संपत्तियों पर मूलधन के साथ 12 प्रतिशत ब्याज की लूट मची हुई है। पूर्व मेयर सुनील उनियाल गामा ने 31 दिसंबर 2023 को नगर निगम बोर्ड की बैठक में व्याज वसूली बंद करने का प्रस्ताव पास कर दिया था, लेकिन अफसोस! आज भी नगर निगम मूलधन से दोगुना ब्याज वसूल रहा है।

2016 से 2025 तक व्यापारियों से करोड़ों रुपये ब्याज के नाम पर लूट लिए गए। मंडल ने इसे साहूकारी बताया और कहा कि नगर निगम जनता की सेवा के लिए है, न कि ब्याज की दलाली करने वाली कंपनी! पहले से ही करों के बोझ तले दबे व्यापारी अब टूटने की कगार पर हैं।

कोरोना की मार अभी तक नहीं भूले, मॉल-ऑनलाइन ने छीनी रोटी

कोरोना के तीन साल तो जैसे काला दौर था। महीनों-महीनों बाजार बंद, दुकानें सूनी, कई व्यापारियों ने जान तक गंवाई। परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गए। ऊपर से ऑनलाइन व्यापार और चमचमाते मॉल ने स्थानीय दुकानदारों की कमर तोड़ दी। अब दुकान चलाना, कर्मचारियों को तनख्वाह देना, परिवार पालना – सब मुश्किल हो गया। मानसिक तनाव से व्यापारी टूट रहे हैं। मंडल ने चेताया कि अगर जल्द राहत नहीं मिली तो बड़ा आंदोलन होगा!

व्यापारियों की चार बड़ी मांगें, जो पूरी न हुईं तो सड़क पर उतरेंगे

मंडल ने साफ-साफ चार मांगें रखी हैं। पहली – व्यापारिक संपत्तियों पर कर की दरें तुरंत कम की जाएं। दूसरी – कोरोना के तीन साल का पूरा कर माफ हो। तीसरी – 2016 से 2025 तक जो अनुचित ब्याज लूटा गया, उसे या तो वापस किया जाए या आने वाले सालों में एडजस्ट कर दिया जाए। चौथी – बोर्ड द्वारा पास व्याज रोकने के प्रस्ताव को फौरन लागू किया जाए।

व्यापारी अब उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सीएम धामी उनकी पुकार सुनेंगे और तुरंत राहत के आदेश देंगे। नहीं तो देहरादून की सड़कें गवाह बनेंगी एक बड़े आंदोलन की।

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