---Advertisement---

राजधानी में सड़कों पर उतरे डीएम: सीएम हेल्पलाइन पर फर्जी निस्तारण की खुली पोल, अफसरों को नोटिस

By
—
On:
Follow Us
Join Our WhatsApp Channel


देहरादून में बिना इजाजत खोदी सड़क तो खैर नहीं, डीएम डॉ. आशीष चौहान ने एडीबी को दिया नोटिस

  • पोर्टल पर शिकायत बंद की तो खैर नहीं, देहरादून डीएम ने मौके पर पहुंचकर ली अफसरों की क्लास

  • देहरादून की सड़कों को लेकर डीएम सख्त, 15 अक्टूबर तक सभी सड़कें गड्डामुक्त करने की डेडलाइन

देहरादून। देहरादून में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायतों के औपचारिक निस्तारण का खेल अब अफसरों को भारी पड़ने लगा है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को खुद सड़कों पर उतरकर प्रशासनिक दावों का रियलिटी टेस्ट किया। चकराता रोड, जीएमएस रोड और शिमला बाईपास रोड के औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने न सिर्फ जमीनी हालात देखे, बल्कि पोर्टल पर ‘फोर्स क्लोज’ (Force Closed) दिखाई गई शिकायतों की हकीकत जानने के लिए सीधे शिकायतकर्ताओं को फोन भी मिलाया।

निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक कागजों और धरातल के सच में भारी अंतर नजर आया। शिमला बाईपास चौक से सेंट जूड्स स्कूल होते हुए कमला पैलेस तक की खस्ताहाल सड़क की शिकायत पूजा भटगाईं नामक महिला ने दर्ज कराई थी। विभागीय फाइलों में इसे शिकायतकर्ता की संतुष्टि के बाद बंद दिखाया गया था। हालांकि जब डीएम ने मौके पर पहुंचकर महिला से दूरभाष पर बात की, तो असलियत कुछ और ही निकली। इस पर अधिकारियों ने आनन-फानन में भरोसा दिया कि सड़क के रिस्टोरेशन का काम अगले ही दिन से शुरू करा दिया जाएगा।

चकराता रोड पर निरीक्षण के दौरान एक और बड़ी लापरवाही सामने आई। व्यस्ततम समय में बिना किसी पूर्व अनुमति के सड़क की खुदाई की जा रही थी, जिससे यातायात बाधित हो रहा था। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने एशियाई विकास बैंक (ADB) से जुड़े अधिकारियों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोटूक कहा कि सड़क निर्माण, मरम्मत या केबल बिछाने के लिए निर्धारित मानकों का पालन जरूरी है और बिना अनुमति आवागमन बाधित करने वालों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

मेहूंवाला और जीएमएस रोड क्षेत्र में जलभराव की समस्या से जूझ रहे स्थानीय निवासियों के लिए राहत की खबर भी सामने आई। रोकवेली रेजीडेंसी के पास पूर्व में जलभराव वाले स्थलों पर टाइल्स लगाने और नालियों की सफाई का जायजा लेते हुए डीएम ने स्थानीय लोगों से सीधा संवाद किया। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों ने मौके पर जानकारी दी कि जीएमएस रोड से आईटीबीपी सीमाद्वार तक मार्ग के कायाकल्प के लिए करीब 4 करोड़ रुपये का प्रस्ताव (DPR) तैयार कर शासन को भेजा जा चुका है। वहीं मेहूंवाला क्षेत्र में शिमला बाईपास मार्ग पर तत्काल गड्ढा भराई और डामरीकरण के निर्देश दिए गए हैं।

निरीक्षण के आखिरी चरण में जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में सभी कार्यदायी संस्थाओं को 15 अक्टूबर 2026 तक पूरे जिले की सड़कों को पूरी तरह गड्डामुक्त करने की समय-सीमा (Deadline) दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निस्तारण केवल कंप्यूटर स्क्रीन पर बटन दबाकर नहीं होगा, बल्कि धरातल पर समाधान दिखने के बाद ही मामला निस्तारित माना जाएगा। मौके पर अधीक्षण अभियंता (SE) लोनिवि ओमपाल सिंह और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार समेत विभिन्न विभागों के अफसर मौजूद रहे।

The post राजधानी में सड़कों पर उतरे डीएम: सीएम हेल्पलाइन पर फर्जी निस्तारण की खुली पोल, अफसरों को नोटिस appeared first on Devbhumidarshan.

Related News

Leave a Comment