नियमों को ताक पर रखकर इंटरनेट कोऑर्डिनेटर को बनाया सीधे PA, हेमंत द्विवेदी का बड़ा खुलासा
उत्तराखंड में सियासी भूचाल, राहुल गांधी के स्वागत में नाचने पर घिरी कांग्रेस
देहरादून। उत्तराखंड के सबसे प्रतिष्ठित श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) में चंदा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जारी सियासी संग्राम अब बेहद तीखा हो गया है। मंदिर समिति के वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कांग्रेस और बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बेहद संगीन आरोप जड़े हैं। द्विवेदी ने साफ कहा कि कांग्रेस नेता गोदियाल द्वारा लगाए जा रहे तमाम आरोप सिर्फ और सिर्फ अपनी पार्टी के शर्मनाक कृत्यों से जनता का ध्यान भटकाने की एक हताश कोशिश हैं। उन्होंने कांग्रेस की संवेदनशीलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ राज्य में कार्यकर्ता और छात्रा की मौत का गमगीन माहौल था, वहीं दूसरी तरफ गोदियाल समेत तमाम कांग्रेसी नेता अपने ‘युवराज’ राहुल गांधी के स्वागत में बेशर्मी से नाच रहे थे, जो उनकी विकृत मानसिकता को उजागर करता है।
पलटवार को और धार देते हुए हेमंत द्विवेदी ने कहा कि जिन्होंने अपने कार्यकाल में मंदिर समिति के करोड़ों रुपए के संसाधनों को अपनी निजी और राजनीतिक सेवा में फूंक दिया, उनका आज नैतिकता का पाठ पढ़ाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़े निर्देशों पर इस पूरे गड़बड़ी और चोरी के प्रकरण की बेहद बारीकी से जांच की जा रही है। इस मामले में किसी भी दोषी को, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा। गोदियाल बिना किसी तथ्य और पुख्ता प्रमाणों के झूठे आरोप लगा रहे हैं ताकि चल रही जांच को प्रभावित किया जा सके और असली अपराधियों को बचाया जा सके।
पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक बेहद आक्रामक पत्रकार वार्ता में बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा कि श्री बदरीनाथ और श्री केदारनाथ धाम देश के करोड़ों सनातनियों की अटूट आस्था का केंद्र हैं। यह किसी भी राजनीतिक दल की बपौती या जागीर नहीं है, बल्कि पूरे राष्ट्र की श्रद्धा का विषय है। प्रदेश में इस वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर चलने वाली सरकार काम कर रही है। मंदिर परिसर से सामने आए इस चोरी के दुर्भाग्यपूर्ण मामले को मुख्यमंत्री ने अत्यंत गंभीरता और संवेदनशीलता से लिया है। सरकार का मकसद किसी को बदनाम करना नहीं, बल्कि सत्य को सामने लाना है।
द्विवेदी ने खुलासा किया कि इस पूरे मामले को अंजाम तक पहुंचाने के लिए इस वक्त तीन अलग-अलग स्तरों पर व्यापक जांच चल रही है। इसमें एसआईटी (SIT), विभागीय जांच और राज्य स्तर पर कमिश्नर की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच की जा रही है। उन्होंने गोदियाल के उस दावे पर भी तीखा सवाल दागा जिसमें गोदियाल ने कहा था कि चंदा चोरी मामले में गिरफ्तार दूसरे अभियुक्त ने ऊपर से निर्देश मिलने की बात कही है। द्विवेदी ने पूछा कि आखिर गोदियाल को यह गोपनीय जानकारी कहां से मिली? क्या जेल में बंद आरोपी से उनकी सीधी बातचीत हुई है या जांच एजेंसियों ने उन्हें विशेष तौर पर यह बताया है? क्योंकि सार्वजनिक डोमेन में ऐसी कोई बात मौजूद नहीं है। अगर यह दावा झूठा है, तो यह साफ है कि गोदियाल जांच भटकाने की राजनीति कर रहे हैं।
वर्तमान अध्यक्ष ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस जघन्य अपराध में जो भी संलिप्त पाया जाएगा, उसे जेल की सलाखों के पीछे जाना ही होगा। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश हैं कि दूध का दूध और पानी का पानी अलग होना चाहिए और वह खुद इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। गोदियाल पर निशाना साधते हुए उन्होंने पूछा कि जब वह खुद बीकेटीसी के अध्यक्ष थे, तो क्या उन्हें मंदिर चलाने के सारे निर्देश राहुल गांधी या प्रियंका गांधी से मिलते थे? यदि उनके यहां ऐसी कोई कठपुतली परंपरा रही है, तो वह जान लें कि भारतीय जनता पार्टी में ऐसा कतई नहीं होता। भाजपा सनातन के मूल्यों और कड़े अनुशासन पर चलने वाला संगठन है, जहां ईमानदारी का ढोंग करने की जरूरत नहीं पड़ती।
पत्रकार वार्ता में द्विवेदी ने पूर्व अध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान हुए एक बड़े प्रशासनिक और वित्तीय खेल का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि जिस आरोपी कर्मचारी को गोदियाल अपना करीबी होने से इनकार कर रहे हैं, उसकी नियुक्ति 2003 में मुंबई की एक कंपनी से आने के बाद इंटरनेट कोऑर्डिनेटर के तौर पर एक अस्थाई पद पर हुई थी। इसके बाद जब सरकार से 34 नए पद स्वीकृत होकर आए, तो नियमों और एक्ट की धज्जियां उड़ाते हुए गोदियाल ने अपने हस्ताक्षरों से उसे सीधे वैयक्तिक सहायक (PA) के महत्वपूर्ण पद पर बिठा दिया। इंटरनेट कोऑर्डिनेटर के पद का पीए के पद पर समायोजन का कोई कानूनी प्रावधान ही नहीं है और मजे की बात यह है कि विभाग में इंटरनेट कोऑर्डिनेटर का पद आज भी खाली पड़ा है।
द्विवेदी ने कहा कि आखिर उस कर्मचारी के प्रति ऐसा क्या विशेष प्रेम था कि 1984 से खाली पड़े पीए के पद पर उसे सीधे प्रमोट कर दिया गया? उसे बिना किसी प्रक्रिया के 2800 ग्रेड पे से सीधे उठाकर 4600 ग्रेड पे के पद पर तैनात कर दिया गया। गोदियाल के उन दावों को भी उन्होंने पूरी तरह खारिज कर दिया जिसमें वह कह रहे थे कि वर्तमान अध्यक्ष वैयक्तिक सहायक को अपने साथ ले गए।
द्विवेदी ने साफ किया कि उनके 14 महीने के कार्यकाल में उन्होंने बीकेटीसी का एक भी स्टाफ अपने निजी काम या साथ में नहीं रखा। इस बार की ऐतिहासिक और रिकॉर्ड तोड़ चारधाम यात्रा को सुचारू रूप से चलाने के लिए मंदिर समिति का सीमित स्टाफ पूरी तरह से फील्ड में तैनात था।
उन्होंने आरोप लगाया कि गोदियाल के समय में 10-10 सरकारी कर्मचारियों का स्टाफ उनके घरों, निजी विद्यालयों और राजनीतिक क्षेत्रों में मुस्तैद रहता था। मंदिर समिति के संसाधनों की इस खुली लूटपाट के पुख्ता प्रमाण तत्कालीन कमिश्नर सुशील कुमार की जांच रिपोर्ट में साफ दर्ज हैं। गोदियाल पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति विधानसभा सदस्य रहते हुए वहां से विधायक की तनख्वाह उठा रहा था, उसने मंदिर समिति के संसाधनों का करोड़ों रुपए का लाभ लिया।
इसके अलावा, गोदियाल पर अपने कार्यकाल के दौरान बीकेटीसी के बजट को अपनी विधानसभा क्षेत्र और अपने निजी कॉलेज में अवैध रूप से लुटाने के गंभीर आरोप भी लगे हैं। द्विवेदी ने कहा कि मंदिर का खर्च श्रद्धालुओं के दान से चलता है, लेकिन गोदियाल ने एक्ट को ताक पर रखकर मंदिर के धन को अपने विवेकाधीन कोष की तरह इस्तेमाल किया और व्यक्तिगत लोगों को 25 हजार से लेकर 5 लाख रुपए तक बांटे। वह चंदा चोरी की बात क्या करते हैं, उन्होंने तो अपने समय में पूरी डकैती मचाई थी। वर्तमान समिति ने मामला सामने आते ही तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी कर कड़ी कार्रवाई शुरू की, जिसके चलते आरोपी आज जेल में हैं।
कांग्रेस पर असंवेदनशीलता का अंतिम प्रहार करते हुए द्विवेदी ने कहा कि अभी परसों ही जिस मृत बिटिया की फोटो मंच पर लगी थी और उसके बेबस पिता वहां खड़े थे, उसी शाम एक कांग्रेस कार्यकर्ता की दुर्घटना में मौत के बावजूद कांग्रेसी नेता जश्न में डूबे थे।
उन्होंने कहा कि जो लोग देश के निर्वाचन आयोग, सीबीआई और राज्य की जांच एजेंसियों पर भरोसा नहीं करते, उन्हें अब जांच के नतीजों का इंतजार करना चाहिए, सच जल्द ही सबके सामने आ जाएगा। इस महत्वपूर्ण और विस्फोटक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदेश सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र नेगी, प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी और मीडिया संपर्क संयोजक हरीश चमोली भी मुख्य रूप से मंच पर उपस्थित रहे।
The post केदारनाथ चंदा चोरी विवाद : बीकेटीसी अध्यक्ष ने पूर्व अध्यक्ष पर लगाए करोड़ों के घोटाले के आरोप appeared first on Devbhumidarshan.





