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उपनल कर्मचारियों को अभी करना होगा इंतजार, कैबिनेट ने उपसमिति को सौंपा वेतन का मामला

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उत्तराखंड कैबिनेट ने आज बड़ा फैसला लेते हुए नेचुरल गैस पर वैट की दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 11 प्रस्तावों पर मुहर लगी, लेकिन उपनल कर्मचारियों के ‘समान कार्य-समान वेतन’ की उम्मीदों पर फिलहाल चर्चा जारी रहेगी।

सरकार ने इस संवेदनशील मामले को अब मंत्रिमंडल उपसमिति के पास भेजने का निर्णय लिया है। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के 277 कर्मचारियों का वेतन मामला भी इसी समिति को सौंपा गया है।

स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे में सरकार ने बड़े बदलाव किए हैं। अब आयुष्मान और अटल आयुष्मान योजना पूरी तरह इंश्योरेंस मोड में संचालित होगी, जबकि गोल्डन कार्ड हाइब्रिड मोड में काम करेगा। पांच लाख रुपये से कम के क्लेम का भुगतान इंश्योरेंस कंपनी करेगी, वहीं इससे ऊपर के क्लेम ट्रस्ट के जरिए मिलेंगे।

महंगाई दर को देखते हुए कर्मचारियों का अंशदान करीब 250 रुपये से बढ़ाकर 450 रुपये तक कर दिया गया है। इसके अलावा, दुर्गम और अति दुर्गम इलाकों में सेवा देने वाले करीब 300 विशेषज्ञ डॉक्टरों को अब 50 प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता मिलेगा।

सरकार ने कलाकारों और लेखकों को बड़ी राहत देते हुए उनकी मासिक पेंशन 3000 से बढ़ाकर 6000 रुपये कर दी है। सिंचाई और लोक निर्माण विभाग के वर्क चार्ज कर्मचारियों को भी अब पेंशन का लाभ मिलेगा।

धराली और आसपास के आपदा प्रभावित क्षेत्रों के सेब उत्पादकों के लिए सरकार ने रॉयल डिलिशियस सेब का दाम 51 रुपये और रेड डेलिशियस का 45 रुपये प्रति किलो तय किया है।

इज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए अब छोटे और कम जोखिम वाले व्यावसायिक भवनों का नक्शा एम्पनल्ड आर्किटेक्ट सीधे पास कर सकेंगे। उद्योगों और एमएसएमई यूनिट के लिए ग्राउंड कवरेज का दायरा बढ़ाया गया है।

बांस एवं रेशा विकास परिषद के ढांचे में बदलाव करते हुए तकनीकी स्टाफ को अब उपनल के बजाय आउटसोर्सिंग से रखने की व्यवस्था की गई है। चिकित्सा शिक्षा सेवा में संशोधन करते हुए प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति उम्र 50 से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी गई है।

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