---Advertisement---

Land Fraud Dehradun : SSP की सख्ती का असर! दून में दो कुख्यात गैंगस्टर गिरफ्त में, करोड़ों की धोखाधड़ी का खुलासा

By
Last updated:
Follow Us
Join Our WhatsApp Channel


Land Fraud Dehradun : देहरादून पुलिस ने भू-माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कुख्यात गैंगस्टरों को धर दबोचा है। इन अभियुक्तों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए एक बुजुर्ग महिला की जमीन को हड़पने की साजिश रची थी। एसएसपी देहरादून की सख्ती का असर अब साफ दिख रहा है, क्योंकि पुलिस ने इन अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।

फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी से 1.65 करोड़ की ठगी

मामला थाना रायपुर का है, जहां मोहित सेठ नाम के व्यक्ति ने शिकायत दर्ज की। शिकायत में बताया गया कि राजेश अग्रवाल और विजय कुमार ने डांडा नूरीवाला में खाली पड़ी जमीन दिखाकर फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनाई। इस फर्जीवाड़े के जरिए उन्होंने जमीन की छह अलग-अलग रजिस्ट्रियां अपने और अपने परिवार के नाम पर कर लीं। इस सौदे में उन्होंने मोहित सेठ से 1 करोड़ 65 लाख रुपये हड़प लिए। जब मोहित ने जमीन के दाखिल-खारिज के लिए आवेदन किया, तब उन्हें इस धोखाधड़ी का पता चला। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अभियुक्तों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत मुकदमा दर्ज किया।

पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई

एसएसपी देहरादून ने सभी थाना प्रभारियों को भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके तहत रायपुर पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और दोनों अभियुक्तों—राजेश अग्रवाल और विजय कुमार—को गिरफ्तार कर लिया। दोनों पहले भी जमीन घोटालों में शामिल रहे हैं और उनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। ये दोनों जमानत पर जेल से बाहर थे, लेकिन फिर से अपराध में लिप्त पाए गए। अब पुलिस इनके द्वारा अवैध रूप से कमाई गई संपत्ति को चिह्नित कर रही है, जिसे जल्द ही जब्त किया जाएगा।

कौन हैं ये भू-माफिया?

गिरफ्तार अभियुक्तों में पहला नाम है राजेश अग्रवाल (53 वर्ष), जो देहरादून के डालनवाला इलाके का निवासी है। दूसरा अभियुक्त विजय कुमार (40 वर्ष) मेरठ का रहने वाला है, जो वर्तमान में देहरादून के अधोईवाला में रह रहा था। दोनों के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें जमीन से जुड़ी धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट शामिल हैं।

पुलिस की मेहनत रंग लाई

इस ऑपरेशन में थाना रायपुर की पुलिस टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम में थानाध्यक्ष गिरीश नेगी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक भरत सिंह रावत, उपनिरीक्षक राजीव धारीवाल, कांस्टेबल हिमांशु, मुकेश कंडारी, प्रेम पंवार, चालक दिनेश, नवनीत (एसओजी) और प्रदीप कुमार शामिल थे। पुलिस अब इन अभियुक्तों की संपत्तियों की जांच कर रही है ताकि इन्हें जब्त किया जा सके।

आम जनता के लिए सबक

यह मामला एक बार फिर सतर्कता की जरूरत को दर्शाता है। जमीन के सौदे से पहले सभी दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए। देहरादून पुलिस की इस कार्रवाई से भू-माफियाओं में खौफ का माहौल है, और यह संदेश साफ है कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।

Leave a Comment