Narendra Modi-Elon Musk : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 अप्रैल 2025 को टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क के साथ एक महत्वपूर्ण बातचीत की। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब भारत और अमेरिका के बीच तकनीकी सहयोग और नवाचार के क्षेत्र में नई संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने मस्क के साथ टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और द्विपक्षीय साझेदारी जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा की। यह दूसरा मौका है जब दो महीनों के भीतर दोनों दिग्गजों ने विचारों का आदान-प्रदान किया। इससे पहले फरवरी 2025 में वाशिंगटन डीसी में उनकी मुलाकात हुई थी, जिसने भारत-अमेरिका संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ा था।
स्टारलिंक की भारत में संभावित एंट्री
इस बातचीत का समय भी खास है। एक दिन पहले, 17 अप्रैल को केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने स्टारलिंक की टीम के साथ मुलाकात की थी। इस मुलाकात में स्टारलिंक के वाइस प्रेसिडेंट चैड गिब्स और सीनियर डायरेक्टर रायन गुडनाइट शामिल थे। यह पहली बार था जब स्टारलिंक के प्रतिनिधियों ने भारतीय सरकार के साथ औपचारिक चर्चा की।
इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, जिसने भारत में स्टारलिंक की सेवाओं की शुरुआत को लेकर अटकलों को हवा दी। विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी और मस्क की बातचीत स्टारलिंक की भारत में एंट्री को तेज करने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है।
वैश्विक टैरिफ युद्ध के बीच साझेदारी की उम्मीद
यह बातचीत उस समय हुई है जब वैश्विक स्तर पर टैरिफ युद्ध की स्थिति बनी हुई है। हाल ही में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जिसने दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों पर सवाल खड़े किए थे। ऐसे में पीएम मोदी और मस्क की यह चर्चा न केवल तकनीकी सहयोग को बढ़ावा दे सकती है, बल्कि व्यापारिक तनाव को कम करने में भी मददगार साबित हो सकती है। पीएम मोदी ने अपने पोस्ट में जोर देकर कहा कि भारत अमेरिका के साथ तकनीकी और नवाचार के क्षेत्र में अपनी साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत में स्टारलिंक
हालांकि, पीएम मोदी ने स्टारलिंक की भारत में एंट्री को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन मस्क और भारतीय अधिकारियों के बीच लगातार हो रही बातचीत इस दिशा में सकारात्मक संकेत दे रही है। स्टारलिंक, जो सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवा प्रदान करता है, भारत के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में इंटरनेट पहुंच को बेहतर बनाने में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्टारलिंक की एंट्री से भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और यह ‘डिजिटल इंडिया’ के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
भारत की तकनीकी महत्वाकांक्षा
पीएम मोदी और एलन मस्क की यह बातचीत भारत की तकनीकी महत्वाकांक्षाओं को दर्शाती है। भारत न केवल तकनीकी नवाचार में आत्मनिर्भर बनना चाहता है, बल्कि वैश्विक मंच पर एक मजबूत साझेदार के रूप में उभरना चाहता है। मस्क जैसे दूरदर्शी उद्यमी के साथ यह सहयोग भारत को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है। इस बातचीत ने न केवल भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूती दी है, बल्कि देश के युवाओं और उद्यमियों में भी नई उम्मीदें जगाई हैं।





