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Dehradun Crime : छुट्टी पर गए थे मालिक, खाली घर देख चोर ने कर डाली बड़ी सेंधमारी, पुलिस ने 24 घंटे में किया सनसनीखेज खुलासा

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Dehradun Crime : देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में एक बंद घर में हुई चोरी की घटना ने स्थानीय लोगों में हड़कंप मचा दिया था। लेकिन, दून पुलिस की तत्परता और सटीक रणनीति ने इस मामले का पर्दाफाश कर दिया। शातिर चोर को गिरफ्तार कर लिया गया है, और उसके कब्जे से चोरी का माल भी बरामद हो गया है। यह घटना न केवल पुलिस की सक्रियता को दर्शाती है, बल्कि आम लोगों के लिए भी एक सबक है कि सावधानी और सुरक्षा कितनी जरूरी है।

चोरी की घटना और शुरुआती जांच

15 अप्रैल, 2025 को डोईवाला कोतवाली में सलीम खान ने एक शिकायत दर्ज की। उन्होंने बताया कि वे अपने परिवार के साथ सहारनपुर गए थे। जब वे घर लौटे, तो पाया कि उनके घर की अलमारी से 10,000 रुपये नकद और कीमती आभूषण गायब थे। सलीम के मुताबिक, अज्ञात चोर ने उनके घर में सेंध लगाकर इस वारदात को अंजाम दिया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी। मुकदमा संख्या 95/2025, धारा 305 ए बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।

पुलिस की रणनीति और अभियुक्त की गिरफ्तारी

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून के निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। इस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला और संदिग्धों की जानकारी जुटाई। इसके साथ ही, स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय किया गया और पुराने अपराधियों का रिकॉर्ड भी जांचा गया। पुलिस की मेहनत रंग लाई और 16 अप्रैल, 2025 को ऋषिकेश रोड पर सौंग नदी पुल के पास चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर अभियुक्त मुकुल को पकड़ लिया गया। मुकुल, जो डोईवाला के ज्ञान विहार का निवासी है, पहले भी चोरी के मामलों में जेल जा चुका है।

चोरी का माल बरामद, नशे की लत ने बनाया अपराधी

पुलिस ने मुकुल के कब्जे से 7,000 रुपये नकद और लगभग 20,000 रुपये कीमत की ज्वैलरी बरामद की। पूछताछ में मुकुल ने बताया कि वह नशे का आदी है और अपनी इस लत को पूरा करने के लिए उसने यह चोरी की। उसने स्वीकार किया कि उसने अकेले ही इस वारदात को अंजाम दिया। मुकुल का आपराधिक इतिहास भी सामने आया, जिसमें वह पहले दो बार चोरी के मामलों में जेल जा चुका है।

पुलिस की सराहनीय भूमिका

इस मामले को सुलझाने में डोईवाला पुलिस की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अ0उ0नि0 प्रेम सिंह बिष्ट के नेतृत्व में हे0का0 देवेंद्र नेगी, का0 रविंद्र टम्टा, का0 हरीश उप्रेती, का0 मनीष वेदवाल और का0 कुलदीप कुमार ने दिन-रात मेहनत की। उनकी इस सफलता ने न केवल पीड़ित को राहत दी, बल्कि क्षेत्र में पुलिस के प्रति भरोसा भी बढ़ाया।

लोगों के लिए सबक और सावधानी

यह घटना हमें सिखाती है कि घर को लंबे समय तक खाली छोड़ने से पहले सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करना जरूरी है। सीसीटीवी कैमरे, मजबूत ताले और पड़ोसियों को सूचित करना जैसी छोटी-छोटी सावधानियां बड़ी घटनाओं को रोक सकती हैं। इसके साथ ही, नशे की लत जैसी सामाजिक बुराइयों से युवाओं को बचाने के लिए जागरूकता और पुनर्वास की जरूरत है।

डोईवाला पुलिस की इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अपराधियों को कानून के शिकंजे से बचना मुश्किल है। यह घटना न केवल पुलिस की सक्रियता का प्रमाण है, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि अपराध का रास्ता हमेशा बर्बादी की ओर ले जाता है।

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