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देहरादून में रातों-रात हुई बड़ी चोरी! पुलिस ने 48 घंटे में किया चौंकाने वाला खुलासा

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Dehradun News : देहरादून के डालनवाला इलाके में हाल ही में हुई एक चोरी की घटना ने लोगों को हैरान कर दिया था, लेकिन अब दून पुलिस ने इस मामले को सुलझा लिया है। चोरी के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके पास से चुराए गए महंगे ब्रांडेड कपड़े भी बरामद हो गए हैं। यह घटना नशे की लत का ऐसा नमूना है, जो समाज के लिए सोचने का मौका देता है। आइए जानते हैं कि यह पूरा मामला क्या था और पुलिस ने कैसे इसे सुलझाया।

रात के अंधेरे में हुई चोरी

4 अप्रैल 2025 को डालनवाला थाने में आकाश कुमार नाम के शख्स ने शिकायत दर्ज की। आकाश ने बताया कि वह अपने छोटा हाथी वाहन (नंबर UK-07-CB-5629) में ट्रांसपोर्ट नगर से बीबा फैशन ऋषिकेश और फैब इंडिया मोथरोवाला शोरूम के लिए कपड़े लादकर लाया था। रात को उसने वाहन अपने घर के बाहर खड़ा किया, लेकिन सुबह देखा तो अज्ञात चोरों ने उसमें रखे महंगे ब्रांडेड कपड़े चुरा लिए। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी।

पुलिस की मुस्तैदी से सुलझा मामला

दून पुलिस ने इस चोरी के रहस्य को सुलझाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला और हर संभावित सुराग पर नजर रखी। स्थानीय मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया। आखिरकार, 6 अप्रैल 2025 को बलबीर रोड पर एमीनेंट हाइट्स के पास एक खंडहर से तीन आरोपियों को चुराए गए माल के साथ धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए युवकों के नाम हैं- मोहम्मद फैजान (20 साल), तरुण मोहर (27 साल) और सोहेल अली (25 साल), जो देहरादून के अलग-अलग इलाकों में रहते हैं।

नशे की लत बनी वजह

पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। तीनों ने बताया कि वे नशे के आदी हैं और अपनी इस लत को पूरा करने के लिए चोरी की इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने उनके पास से करीब डेढ़ लाख रुपये के ब्रांडेड कपड़े बरामद किए। यह घटना न सिर्फ एक अपराध की कहानी है, बल्कि नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं की जिंदगी का कड़वा सच भी सामने लाती है।

पुलिस टीम की मेहनत रंग लाई

इस मामले को सुलझाने में डालनवाला थाने की टीम ने दिन-रात एक कर दी। इंस्पेक्टर मनोज कुमार मैनवाल के नेतृत्व में वरिष्ठ उपनिरीक्षक गुमान सिंह नेगी, उपनिरीक्षक सतबीर भंडारी और कॉन्स्टेबल आदित्य राठी व विजय सिंह ने अहम भूमिका निभाई। उनकी सतर्कता और तेजी से कार्रवाई ने न सिर्फ चोरी का खुलासा किया, बल्कि लोगों का पुलिस पर भरोसा भी बढ़ाया।

समाज के लिए सबक

यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि नशा किस तरह युवाओं को गलत रास्ते पर ले जा रहा है। दून पुलिस की इस सफलता से जहां लोगों को राहत मिली है, वहीं यह भी सवाल उठता है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और क्या कदम उठाए जाने चाहिए। फिलहाल, पुलिस का यह कदम इलाके में सुरक्षा का भरोसा जरूर देता है।

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