गूगल अपने पुराने सहायक गूगल असिस्टेंट को अब नए जमाने के एआई पावर असिस्टेंट जेमिनी से बदलने जा रहा है। यह कदम यूजर्स को एक शानदार और आधुनिक जेनेरेटिव एआई अनुभव देने के लिए उठाया गया है। कंपनी ने ऐलान किया है कि 2025 के अंत तक सभी ऐंड्रॉयड फोन्स में जेमिनी पूरी तरह से गूगल असिस्टेंट की जगह ले लेगा।
गूगल ने यह भी वादा किया है कि इस बदलाव से पहले यूजर्स को इसकी सटीक तारीख की जानकारी दे दी जाएगी। कंपनी के मुताबिक, तकरीबन एक दशक बाद अब हम टेक्नॉलजी में एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं, जहां जेनेरेटिव एआई हमारे डिजिटल जीवन को नए तरीके से प्रभावित कर रहा है। हालांकि, जिन फोन्स में ऐंड्रॉयड 9 या उससे पुराना वर्जन है और जिनकी रैम 2 जीबी से कम है, वहां गूगल असिस्टेंट पहले की तरह काम करता रहेगा।
कई स्मार्टफोन ब्रैंड्स ने जेमिनी को अपनाना शुरू कर दिया है। पिछले साल से पिक्सल, सैमसंग, वनप्लस और मोटोरोला जैसे बड़े नामों के फोन्स में जेमिनी को डिफॉल्ट असिस्टेंट के तौर पर पेश किया जा रहा है। गूगल का कहना है कि अब तक लाखों लोग जेमिनी का इस्तेमाल शुरू कर चुके हैं।
इस साल के अंत तक यह बदलाव न सिर्फ मोबाइल फोन्स में बल्कि टैबलेट्स, कारों, वियरेबल डिवाइसेज और स्मार्ट होम गैजेट्स में भी दिखने लगेगा। यूजर्स से मिले सकारात्मक रिस्पॉन्स ने ही गूगल को यह बड़ा कदम उठाने के लिए प्रेरित किया है।
जेमिनी का दायरा अब कई देशों और भाषाओं तक फैल चुका है। लॉन्च के बाद से गूगल इसे और बेहतर बनाने में जुटा है ताकि यह न सिर्फ गूगल असिस्टेंट की बुनियादी खूबियों जैसे म्यूजिक प्ले करना, टाइमर सेट करना या लॉक स्क्रीन को कंट्रोल करना बल्कि उससे कहीं ज्यादा काम कर सके।
जेमिनी में एआई आधारित खास फीचर्स भी जोड़े गए हैं, जैसे जेमिनी लाइव के जरिए इंटरैक्टिव और मल्टीमॉडल बातचीत और डीप रिसर्च के जरिए गहरी जानकारी जुटाने की क्षमता। गूगल ने हाल ही में अपने अगले एआई मॉडल की भी घोषणा की है, जो रोबोट्स को ताकत देगा और उन्हें इंसानों की तरह काम करने में मदद करेगा। यह बदलाव टेक्नॉलजी के भविष्य की एक झलक देता है।





