नीट धांधली के खिलाफ यूथ कांग्रेस का हल्लाबोल, यमुना कॉलोनी से किशननगर चौक तक भारी बवाल
देहरादून। नीट परीक्षा में हुई कथित धांधली और लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर राजधानी देहरादून की सड़कों पर शनिवार को भारी सियासी बवाल देखने को मिला। कैंट विधानसभा क्षेत्र में युवा कांग्रेस नेता रितेश छेत्री के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने मौजूदा लचर शिक्षा व्यवस्था की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली।
यह उग्र विरोध प्रदर्शन यमुना कॉलोनी से शुरू होकर किसननगर चौक तक पहुंचा, जहां आक्रोशित युवाओं ने वर्तमान परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह फेल बताते हुए शिक्षा व्यवस्था का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर दिया। ठीक एक दिन बाद यानी 21 जून को होने वाली नीट की दोबारा परीक्षा (री-एग्जाम) से ऐन पहले हुए इस प्रदर्शन ने पूरे प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
गौरतलब है कि प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए देहरादून के सभी 16 परीक्षा केंद्रों के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है, जिसके तहत 5 या उससे अधिक लोगों के जुटने पर पाबंदी है। इसके बावजूद परीक्षा से ठीक पहले युवाओं का यह गुस्सा सीधे तौर पर सरकार की नीतियों को चुनौती दे रहा है।
प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस नेता रितेश छेत्री ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि जिस शिक्षा व्यवस्था का बुनियादी उद्देश्य युवाओं को समान अवसर, सम्मान और एक सुरक्षित भविष्य देना था, वह आज पूरी तरह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। बार-बार होने वाले पेपर लीक और निजी संस्थानों के अत्यधिक आर्थिक बोझ ने छात्रों को गहरे मानसिक तनाव और भयंकर निराशा में धकेल दिया है।
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने हाल ही में राजस्थान के कोटा में लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा शुरू किए गए ‘स्टूडेंट्स की गूंज’ अभियान का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने देश के कोचिंग हब से देश के करोड़ों छात्र-छात्राओं के दर्द को सीधे आवाज दी है।
कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी के बयान को दोहराते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने देश के प्रतिभाशाली युवाओं के लिए एक ‘रिजेक्शन सिस्टम’ और वसूली की मशीन खड़ी कर दी है, जो बच्चों के साथ-साथ उनके परिवारों पर भी असहनीय मानसिक और आर्थिक दबाव बना रही है।
कांग्रेस का साफ स्टैंड है कि शिक्षा हर नागरिक का अधिकार है, इसे मुनाफाखोरी का जरिया या व्यवसाय नहीं बनने दिया जाएगा। देश का मध्यवर्गीय और गरीब परिवार आज महंगी कोचिंग, हॉस्टलों के किराए और निजी संस्थानों की मनमानी फीस से बुरी तरह पिस रहा है।
उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी और लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष संजय शर्मा ने इस मौके पर कहा कि देश के युवाओं को अब खोखली सहानुभूति नहीं, बल्कि पारदर्शी अवसर चाहिए। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस एक ऐसी शिक्षा प्रणाली की लड़ाई लड़ रही है जहां परीक्षाएं पूरी तरह जवाबदेह हों और किसी भी युवा को व्यवस्था की नाकामी की कीमत अपने सपनों या अपनी जान देकर न चुकानी पड़े।
इस बड़े विरोध प्रदर्शन में देहरादून के पूर्व महानगर अध्यक्ष लाल चंद शर्मा, बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रदीप जोशी, प्रदेश महामंत्री नवीन जोशी, पार्टी प्रवक्ता दीप वोहरा, अनुराग गुप्ता, अनिल नेगी और स्वाति नेगी मुख्य रूप से शामिल रहे। इनके अलावा जमीनी स्तर पर युवाओं को लामबंद करने के लिए मुकेश चौहान, राम भगोंल, पीयूष जोशी, कासिम चौधरी, ब्लॉक अध्यक्ष राजीव प्रजापति, बबलू जी, कुलदीप जखमोला, हैप्पी परचा, कृष्णा, समीर कुमार, रहमान, विशाल भारद्वाज और आदित्य मंडोला समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने किसननगर चौक पर हुंकार भरी।
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