---Advertisement---

उत्तराखंड में ‘ऑपरेशन प्रहार’ तेज: SSP की थाना प्रभारियों को दो टूक-काम सुधारें या कार्रवाई झेलें

By
Last updated:
Follow Us
Join Our WhatsApp Channel


दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे के खुलते ही मसूरी रूट पर बढ़ेगा दबाव, SSP ने तैयार किया नया ‘ट्रैफिक चक्रव्यूह’

चारधाम यात्रा और वीकेंड रश को लेकर देहरादून पुलिस अलर्ट, आशारोडी से मसूरी तक ड्रोन से होगी निगरानी

देहरादून। राजधानी में बढ़ते क्राइम और चारधाम यात्रा के बीच उमड़ने वाली पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेन्द्र सिंह डोभाल ने मंगलवार को जनपद के सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों के साथ मासिक अपराध समीक्षा बैठक की। इस गोष्ठी में न केवल पुराने पेंडिंग केसों पर क्लास लगी, बल्कि आने वाले वीकेंड के लिए एक ऐसा फूलप्रूफ प्लान तैयार किया गया है जो दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद पैदा हुए नए ट्रैफिक प्रेशर को हैंडल करेगा।

एसएसपी ने साफ किया है कि दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड के शुरू होने के बाद एनसीआर से आने वाले पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। इसे देखते हुए आशारोडी से लेकर मसूरी तक के पूरे रूट को अलग-अलग सेक्टरों में बांटने का फैसला लिया गया है। इस पूरे स्ट्रेच की निगरानी केवल सड़कों पर खड़े सिपाही नहीं, बल्कि आसमान से ड्रोन कैमरों के जरिए की जाएगी। एसपी ट्रैफिक को निर्देश दिए गए हैं कि मसूरी में बढ़ते दबाव को देखते हुए नए पार्किंग स्थल चिन्हित किए जाएं ताकि मुख्य सड़कों पर जाम की स्थिति पैदा न हो।

शहर की सुरक्षा को लेकर ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत अब सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। यह ऑपरेशन हाल ही में हुई रिटायर्ड ब्रिगेडियर एमके जोशी की हत्या के बाद और भी सख्त कर दिया गया है।

एसएसपी ने निर्देश दिए हैं कि रात के वक्त बेवजह घूमने वाले संदिग्धों को तुरंत थाने लाकर पूछताछ की जाए। थानों में बरसों से धूल फांक रही फाइलों पर नाराजगी जताते हुए डोभाल ने चेतावनी दी कि अगर बिना ठोस कारण के विवेचना लंबित पाई गई, तो संबंधित जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी जाएगी।

चारधाम यात्रा 2026 के मद्देनजर पुलिस ने इस बार ‘डिजिटल स्लॉट सिस्टम’ को भी सुरक्षा घेरे में शामिल किया है। जनपद के सभी थाना प्रभारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में ईनामी और वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए स्पेशल टीमें गठित करें। कोर्ट में चल रहे जघन्य अपराधों के मामलों में भी पुलिस को मजबूत पैरवी करने को कहा गया है ताकि अपराधियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।

काम में ढिलाई बरतने वाले और प्रिवेंटिव एक्शन (निरोधात्मक कार्रवाई) में पीछे रहने वाले थाना प्रभारियों को एसएसपी ने सख्त लहजे में फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि कार्यालयों में तैनात पुलिस बल को भी अब वीकेंड ड्यूटी पर सड़कों पर उतारा जाएगा। शस्त्र अधिनियम और जुआ अधिनियम के तहत होने वाली कार्रवाइयों की समीक्षा के दौरान कई थानों का रिकॉर्ड खराब मिला, जिन्हें सुधार के लिए आखिरी अल्टीमेटम दिया गया है।

The post उत्तराखंड में ‘ऑपरेशन प्रहार’ तेज: SSP की थाना प्रभारियों को दो टूक-काम सुधारें या कार्रवाई झेलें appeared first on Devbhumidarshan.

Related News

Leave a Comment