उत्तराखंड में खाकी का ‘प्रहार’: DGP दीपम सेठ ने संभाली कमान, SSP और IG को दिए कड़े निर्देश
देहरादून : राजधानी में बढ़ते अपराध और हाल ही में रिटायर्ड सैन्य अधिकारी की सरेराह हत्या जैसी वारदातों ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त रुख के बाद अब उत्तराखंड पुलिस ने अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए ‘ऑपरेशन प्रहार’ का बिगुल फूंक दिया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) दीपम सेठ ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में हाई-प्रोफाइल बैठक बुलाई, जिसमें उन्होंने साफ कर दिया कि अब ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर DGP ने ग्राउंड जीरो पर तैनात अफसरों की जवाबदेही तय की है। बैठक में आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप और एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि पुलिस की मौजूदगी सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि सड़कों पर नजर आनी चाहिए। ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत अब शहर के चप्पे-चप्पे पर खाकी का पहरा होगा और संदिग्ध गतिविधियों पर सीधी स्ट्राइक की जाएगी।
पुलिस की इस नई रणनीति में आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे और एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह को फ्रंटलाइन पर रखा गया है। एसटीएफ को विशेष रूप से उन गिरोहों और अपराधियों को टारगेट करने के निर्देश मिले हैं जो शहर में सक्रिय हैं। बता दें कि हाल ही में देहरादून के राजपुर इलाके में रोड रेज के दौरान एक रिटायर्ड ब्रिगेडियर की गोली लगने से मौत हो गई थी, जिसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। इसी पृष्ठभूमि में ‘ऑपरेशन प्रहार’ को और अधिक आक्रामक बनाया गया है।
DGP दीपम सेठ ने क्षेत्राधिकारियों (CO) और थाना प्रभारियों को दफ्तरों से निकलकर फील्ड में सक्रिय होने का फरमान सुनाया है। विशेष रूप से सुबह के समय, जब लोग मॉर्निंग वॉक पर निकलते हैं, पुलिस की विजिबिलिटी और बैरियर्स पर सघन चेकिंग बढ़ाने को कहा गया है। शहर के हॉटस्पॉट इलाकों की पहचान कर ली गई है, जहां अब 24 घंटे पुलिस की पैनी नजर रहेगी।
सत्यापन अभियान को लेकर भी पुलिस अब किसी तरह की कोताही नहीं बरतेगी। शहर के पीजी, किराएदारों और होम-स्टे में रुकने वाले हर व्यक्ति का सघन वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसके अलावा, रात के समय मर्यादा लांघने वाले बार और पब्स पर भी शिकंजा कसा जाएगा। निर्धारित समय के बाद संचालन करने वाले संचालकों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तराखंड पुलिस अब केवल पारंपरिक अपराधों तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ समय में ‘ऑपरेशन प्रहार’ के जरिए एसटीएफ ने देशव्यापी साइबर ठगी के गिरोहों का भी पर्दाफाश किया है। DGP ने स्पष्ट किया कि राजधानी की शांति भंग करने वालों के खिलाफ यह अभियान अनवरत जारी रहेगा। आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह बनाया गया है।
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