देहरादून पुलिस की पैनी नजर : अब पब और बार के एंट्री-एग्जिट कैमरों का एक्सेस होगा पुलिस के पास
देहरादून (रजत शर्मा)। उत्तराखंड की राजधानी में अब रात के अंधेरे में नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले पब, बार और रेस्टोरेंट संचालकों की खैर नहीं है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून प्रमेंद्र डोभाल ने साफ कर दिया है कि अगर निर्धारित समय सीमा के बाद एक मिनट के लिए भी शटर खुला मिला, तो बिना किसी रियायत के सीधे मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
मंगलवार को पुलिस कार्यालय में जिले के तमाम पब और बार मालिकों के साथ हुई आपात गोष्ठी में एसएसपी ने कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने दो टूक कहा कि पुलिस अब केवल चालान काटकर शांत नहीं बैठेगी, बल्कि उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट भी तत्काल संबंधित विभाग को भेजी जाएगी।
यह सख्ती तब देखने को मिली है जब महज 24 घंटे पहले ही पुलिस ने आकस्मिक छापेमारी के दौरान दो बड़े रेस्टोरेंट संचालकों को समय के बाद भी शराब परोसते और संचालन करते हुए पकड़ा था। उन पर पहले ही कानूनी शिकंजा कसा जा चुका है, जिसे एसएसपी ने अन्य संचालकों के लिए एक नजीर बताया है।
एसएसपी ने सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए नया फरमान जारी किया है, जिसके तहत शहर के सभी पब और बार के एंट्री व एग्जिट पॉइंट्स पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों का लाइव एक्सेस अब पुलिस के पास रहेगा। इससे कंट्रोल रूम में बैठे-बैठे ही यह पता चल सकेगा कि कौन सा प्रतिष्ठान समय के बाद भी ग्राहकों को एंट्री दे रहा है।
कर्मचारियों के सत्यापन को लेकर भी सख्त हिदायत दी गई है। सभी संचालकों को अपने स्टाफ की शत-प्रतिशत पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट और पूरी सूची थाने में जमा करानी होगी। एसएसपी ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी प्रतिष्ठान में आपराधिक पृष्ठभूमि का व्यक्ति कार्यरत पाया गया, तो मालिक को भी सह-आरोपी मानते हुए विधिक कार्यवाही की जाएगी।
अक्सर देखा गया है कि पीजी और हॉस्टल में रहने वाले छात्र देर रात तक पबों में वक्त बिताते हैं और फिर नशे की हालत में वाहन चलाकर हादसों को दावत देते हैं। पुलिस ने निर्देश दिया है कि छात्रों और युवाओं को निर्धारित समय के बाद बैठने की अनुमति कतई न दी जाए।
इसके अलावा, पब या बार के भीतर होने वाले किसी भी छोटे-बड़े विवाद की सूचना तुरंत पुलिस को देना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि संचालक किसी झगड़े को छिपाता है और बाद में वहां कोई बड़ी आपराधिक घटना घटती है, तो जिम्मेदारी पुलिस की नहीं बल्कि उस प्रतिष्ठान के मालिक की तय की जाएगी।
देहरादून पुलिस ने स्पष्ट किया कि शहर में पबों की संख्या के मुकाबले पुलिस बल की सीमित संख्या को देखते हुए अब तकनीक और सख्त कानूनी प्रावधानों का सहारा लिया जा रहा है। पुलिस ने संचालकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वे राजधानी के माहौल को खराब होने से बचाने में अपनी जिम्मेदारी समझें, अन्यथा सलाखों के पीछे जाने को तैयार रहें।
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