उत्तराखंड की खूबसूरत वादियां पर्यटकों को खूब लुभाती हैं, लेकिन यहां की घुमावदार सड़कें और गहरी खाइयां अक्सर खतरे का सबब बन जाती हैं। टिहरी गढ़वाल जिले में ऋषिकेश के करीब ब्यासी इलाका भी ऐसा ही है, जहां संकरी सड़कें, तेज ढलान और अंधेरी रात में ड्राइविंग जोखिम भरी हो जाती है।
राज्य में हर साल सड़क दुर्घटनाओं से सैकड़ों जानें जाती हैं, खासकर पहाड़ी जिलों में। आंकड़ों के मुताबिक, उत्तराखंड में सालाना 1600 से ज्यादा हादसे होते हैं, जिनमें ज्यादातर वजह तेज रफ्तार, ब्रेक फेल होना या रात के समय सावधानी न बरतना होती है।
ब्यासी में देर रात हुआ दिल दहला देने वाला हादसा
हाल ही में टिहरी गढ़वाल के ब्यासी क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई। गुल्लर गांव के पास देर रात एक थार गाड़ी अचानक नियंत्रण खो बैठी और सड़क किनारे से लगभग 70 मीटर गहरी खाई में लुढ़क गई। गाड़ी दिल्ली नंबर की थी और इसमें पांच युवक सवार थे, जो शायद घूमने या किसी काम से उत्तराखंड आए थे। ये सभी दिल्ली, गाजियाबाद और साहिबाबाद के रहने वाले थे।
रात करीब डेढ़ बजे के आसपास यह हादसा हुआ। अंधेरे और मुश्किल जगह होने की वजह से स्थिति काफी गंभीर थी, लेकिन अच्छी बात यह रही कि सभी पांचों जिंदा बच गए, हालांकि उन्हें चोटें आईं।
SDRF की टीम ने दिखाई फुर्ती, सभी को सुरक्षित निकाला
खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस ने तुरंत स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) को अलर्ट किया। ब्यासी पोस्ट की टीम सब-इंस्पेक्टर की अगुवाई में जरूरी बचाव सामान लेकर फौरन मौके पर पहुंची। खाई काफी गहरी और दुर्गम थी, लेकिन टीम ने मुश्किल हालात में बेहतरीन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। सभी घायलों को रस्सियों और अन्य उपकरणों की मदद से ऊपर निकाला गया।
मौके पर ही प्राथमिक इलाज दिया गया और फिर एंबुलेंस से उन्हें निकटतम अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल सभी का इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। SDRF जैसी टीमों की ट्रेनिंग और तैयारियां ही ऐसी आपदाओं में जान बचाती हैं।
घायलों की जानकारी
- हादसे में घायल हुए युवकों के नाम इस प्रकार हैं:
- सोहिल (32 साल), दिल्ली के रहने वाले।
- रोहित गुप्ता (28 साल), साहिबाबाद से।
- आशीषपाल (28 साल), गाजियाबाद निवासी।
- विकाश कुमार (26 साल), साहिबाबाद के।
- भास्कर कुमार (27 साल), भी साहिबाबाद से।
- ये सभी दोस्त या साथी लगते हैं, जो एक साथ सफर कर रहे थे।
हादसे की वजह और सावधानियां
पुलिस अब दुर्घटना के सही कारणों की पड़ताल कर रही है। शुरुआती जानकारी में तेज रफ्तार या रात में सड़क की स्थिति को वजह माना जा रहा है। पहाड़ी रास्तों पर रात में ड्राइविंग करते समय स्पीड कम रखें, सीट बेल्ट लगाएं और थकान महसूस हो तो रुकें। उत्तराखंड जैसे इलाकों में सर्दियों में कोहरा या फ्रॉस्ट भी हादसों की बड़ी वजह बनता है। अगर आप यहां घूमने जा रहे हैं तो लोकल गाइड या सुरक्षित ड्राइवर का सहारा लें।
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