---Advertisement---

Dehradun : दून अस्पताल इमरजेंसी में हंगामा, दो गुट भिड़े – डॉक्टरों ने गेट किए बंद

By
Last updated:
Follow Us
Join Our WhatsApp Channel


देहरादून : देहरादून का दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल उत्तराखंड की राजधानी का सबसे बड़ा सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है। यहां हर दिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए आते हैं, खासकर इमरजेंसी में गंभीर मामलों की भरमार रहती है। लेकिन कभी-कभी बाहर की छोटी-मोटी अनबन अस्पताल के अंदर बड़ा रूप ले लेती है, जो न सिर्फ मरीजों की मुश्किल बढ़ाती है बल्कि डॉक्टरों और स्टाफ की सुरक्षा पर भी सवाल उठाती है।

हाल ही में एक ऐसी ही घटना सामने आई जब रात के समय अस्पताल की इमरजेंसी में दो समूहों के युवक आपस में भिड़ गए। बात यूं शुरू हुई कि शहर के पलटन बाजार इलाके में इन दोनों समूहों के बीच किसी बात पर विवाद हो गया था। झगड़े में एक तरफ के कुछ लोग चोटिल हो गए और उनके साथी उन्हें तुरंत दून अस्पताल लेकर पहुंचे।

इलाज शुरू होने के कुछ ही देर बाद दूसरा समूह भी वहां आ गया। पहले से चला आ रहा गुस्सा यहां फूट पड़ा और दोनों तरफ के लोग इमरजेंसी वार्ड में ही हाथापाई पर उतर आए। वार्ड में मौजूद स्टाफ और डॉक्टरों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन स्थिति हाथ से निकल गई। युवकों ने रोकने वालों के साथ भी बदसलूकी की, जिससे डॉक्टरों का सब्र टूट गया।

गुस्से में डॉक्टरों ने फैसला लिया कि जब तक माहौल शांत नहीं होता, इमरजेंसी सेवाएं बंद रहेंगी। नतीजा यह हुआ कि वार्ड के गेट बंद कर दिए गए और बाहर खड़ी एम्बुलेंसों को भी अंदर नहीं आने दिया गया। रात डेढ़ बजे तक हंगामा जारी रहा, जिससे अन्य मरीजों को काफी परेशानी हुई।

सुरक्षा की कमी क्यों बन रही समस्या?

देशभर के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और स्टाफ पर हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं। कई बार मरीजों के परिजन या साथी गुस्से में स्टाफ से बदसलूकी करते हैं। उत्तराखंड में भी ऐसी घटनाएं पहले हुई हैं, जहां डॉक्टरों को अपनी सुरक्षा के लिए काम रोकना पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों में पर्याप्त सुरक्षा कर्मी, सीसीटीवी और सख्त नियमों की जरूरत है ताकि इलाज का माहौल शांतिपूर्ण रहे।

सौभाग्य से इस घटना में पुलिस जल्दी पहुंच गई और जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने डॉक्टरों से बातचीत कर स्थिति को संभाला और इमरजेंसी को दोबारा शुरू कराने की कोशिश की। लेकिन यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा कितनी जरूरी है, क्योंकि वे दिन-रात लोगों की जान बचाने में लगे रहते हैं।

ऐसी घटनाओं से बचने के लिए अस्पताल प्रशासन को और सतर्क रहना होगा, ताकि मरीजों को बिना किसी रुकावट के इलाज मिल सके।

The post Dehradun : दून अस्पताल इमरजेंसी में हंगामा, दो गुट भिड़े – डॉक्टरों ने गेट किए बंद appeared first on Devpath.

Leave a Comment