हरिद्वार : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सख्त हिदायतों पर हरिद्वार जिले में सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाने का काम जोरों पर चल रहा है। यह अभियान न सिर्फ सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा कर रहा है, बल्कि आने वाले समय में बड़े आयोजनों के लिए जगह तैयार करने में भी मददगार साबित हो रहा है।
हरिद्वार एक पवित्र शहर है, जहां गंगा नदी के किनारे लाखों श्रद्धालु आते हैं। यहां ग्राम समाज की जमीनें और सिंचाई विभाग की संपत्ति अक्सर अवैध कब्जों की चपेट में आ जाती हैं। ऐसे कब्जे न सिर्फ सरकारी संसाधनों का नुकसान करते हैं, बल्कि शहर की व्यवस्था को भी प्रभावित करते हैं। उत्तराखंड में एक बीघा जमीन करीब 6800 वर्ग फुट की होती है, जो एक छोटे खेत जितनी बड़ी जगह होती है। ऐसे में 10 बीघा का मतलब काफी बड़े क्षेत्र से है।
श्यामपुर क्षेत्र में हुई बड़ी कार्रवाई
हाल ही में श्यामपुर कांगड़ी इलाके में प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। यहां ग्राम समाज की करीब 10 बीघा जमीन को पूरी तरह से अवैध कब्जों से मुक्त करा लिया गया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की देखरेख में यह ऑपरेशन चला, जिसमें एसडीएम जितेंद्र कुमार खुद मौके पर मौजूद रहे।
प्रशासन की टीम ने भारी पुलिस सुरक्षा के बीच मशीनों की मदद से सभी अवैध निर्माण हटा दिए। तहसील के कर्मचारी भी इस काम में जुटे रहे। यह कार्रवाई इसलिए जरूरी थी क्योंकि ऐसे कब्जे लंबे समय से बने हुए थे और इन्हें हटाने के लिए पहले कई बार चेतावनी दी जा चुकी थी।
नोटिस के बाद ही चलता है बुलडोजर
प्रशासन का तरीका काफी व्यवस्थित है। जहां भी सरकारी जमीन पर कब्जा पाया जाता है, वहां पहले लोगों को नोटिस भेजकर खुद ही जगह खाली करने का मौका दिया जाता है। अगर फिर भी कब्जा नहीं हटता, तो मजबूरी में मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है। जिलाधिकारी ने साफ कहा है कि ऐसी कार्रवाइयां पूरे जिले में जारी रहेंगी, ताकि कोई भी अवैध कब्जा बाकी न रहे।
यह अभियान सिर्फ जमीन खाली करने तक सीमित नहीं है। इससे सार्वजनिक जगहों का सही इस्तेमाल हो सकेगा और स्थानीय लोगों को भी फायदा मिलेगा।
कुंभ मेला की तैयारियों का अहम हिस्सा
हरिद्वार में गंगा किनारे सिंचाई विभाग की कई जमीनें अवैध झोपड़ियों और अन्य निर्माणों से घिरी हुई हैं। इन इलाकों में कभी-कभी गैर-कानूनी गतिविधियां भी होती रही हैं। अब प्रशासन ने ठान लिया है कि कुंभ मेला क्षेत्र को पूरी तरह से साफ-सुथरा बनाया जाएगा।
2027 में हरिद्वार में अर्ध कुंभ मेला होने वाला है, जिसके लिए बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सिंचाई अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए हैं कि मेला वाली जमीन से हर अवैध कब्जा हटाया जाए। इससे न सिर्फ मेला सुचारु रूप से हो सकेगा, बल्कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं भी मिलेंगी।
यह अभियान उत्तराखंड सरकार की उस मुहिम का हिस्सा है, जिसमें पूरे राज्य से हजारों एकड़ सरकारी जमीन को मुक्त कराया जा चुका है। हरिद्वार जैसे धार्मिक स्थल पर यह कदम शहर के विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण है। प्रशासन का कहना है कि अवैध कब्जों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को साफ-सुथरी जमीन मिल सके।
The post हरिद्वार में 10 बीघा सरकारी जमीन हुई मुक्त, बुलडोजर ने गरजकर साफ किया इलाका appeared first on Devpath.





